
मुंबई। गुजरात की तर्ज पर महाराष्ट्र में आधुनिक ‘बसपोर्ट’ विकसित करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। साथ ही महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम (एसटी) के डिपो और बस स्टेशनों के समग्र विकास के लिए नई नीति तैयार की गई है। यह जानकारी गुरुवार को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधान परिषद में दी। नियम 92 के तहत विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने इस विषय पर आधे घंटे की चर्चा उठाई थी। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पावर के मार्गदर्शन में राज्य में आधुनिक और यात्री सुविधाओं से युक्त एसटी बस स्टेशन विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि एसटी बस स्टेशनों और डिपो के व्यावसायिक विकास परियोजनाओं के लिए प्रत्यक्ष किरायानामा 49 + 49 वर्ष यानी कुल 98 वर्ष की अवधि के लिए रखा जाएगा। इससे निवेशकों को परियोजनाओं में निवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और एसटी महामंडल को दीर्घकालिक आर्थिक आय प्राप्त होगी। इस योजना के तहत यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टेशन उपलब्ध होंगे। साथ ही इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और व्यवसाय के अवसर भी उत्पन्न होंगे। मंत्री सरनाईक ने यह भी बताया कि इस परियोजना में केवल शहरी क्षेत्रों पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि संतुलित विकास को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए एक शहरी डिपो, एक तालुका स्तर का डिपो और एक ग्रामीण क्षेत्र का डिपो – इस प्रकार तीन डिपो को एक पैकेज में शामिल कर निविदा प्रक्रिया लागू की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बस स्टेशनों का भी विकास होगा और राज्य के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी।




