
ठाणे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाएँ तो सक्षम नेतृत्व विकसित होता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। वे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तथा समाज सुधारक डॉ.मुत्थुलक्ष्मी रेड्डी के विधानमंडल सदस्य बनने के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित “विकसित भारत नारी शक्ति संगम” ग्रामीण महिला नेतृत्व सम्मेलन में बोल रहे थे। मीरा-भाईंदर के निकट उत्तन में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी और महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नती अभियान (एमएसआरएलएम) के संयुक्त तत्वावधान में 8 और 9 मार्च 2026 को दो दिवसीय “विकसित भारत नारी शक्ति संगम” ग्रामीण महिला नेतृत्व सम्मेलन आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों हुआ। इस अवसर पर ग्राम विकास एवं पंचायत राज मंत्री जयकुमार गोरे, प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष डॉ विनय सहस्त्रबुध्दे, पद्मश्री सम्मानित पोपटराव पवार, प्रबोधिनी के कार्यकारी निदेशक अभिराम घड्याळेपाटील, कोकण विभागीय आयुक्त डॉ. विजय सुर्यवंशी, मीरा-भाईंदर महानगरपालिका आयुक्त राधाविनोद शर्मा, अपर जिलाधिकारी हरिशचंद्र पाटील, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजिंक्य पवार, प्रांताधिकारी उर्मिला पाटील, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्राम पंचायत) प्रमोद काळे तथा अपर तहसीलदार निलेश गौड सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि समाज के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ना समय की आवश्यकता है। यदि महिलाओं को उचित अवसर दिए जाएँ तो वे प्रभावी नेतृत्व प्रदान कर सकती हैं और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि लखपती दिदि योजना के अंतर्गत इस वर्ष 37 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग और स्टार्टअप के क्षेत्र में महाराष्ट्र की महिलाओं ने देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। इस सम्मेलन में देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली लगभग 500 ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया है। व्यवसाय, उद्योग, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सफल यात्राओं के अनुभव इस मंच के माध्यम से साझा किए जाएंगे। इस अवसर पर ग्राम विकास एवं पंचायत राज मंत्री जयकुमार गोरे ने स्वागत भाषण में सुझाव दिया कि महाराष्ट्र में चुनी हुई तथा भविष्य में चुनी जाने वाली महिला सरपंचों के लिए प्रशिक्षण शिविर रामभाऊ मालगी प्रबोधिनी में आयोजित किए जाने चाहिए। इससे सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। सम्मेलन की प्रस्तावना डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने प्रस्तुत की, जबकि पद्मश्री पोपटराव पवार ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रबोधिनी के कार्यकारी निदेशक अभिराम घड्याळपाटील ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्या रेखाताई महाजन तथा मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की महापौर डिंपल मेहता भी मंच पर विशेष रूप से उपस्थित थीं। इस सम्मेलन में ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व विकास, उद्यमिता तथा सामाजिक परिवर्तन में उनकी भूमिका पर विभिन्न सत्रों में चर्चा की जाएगी और कुछ विशिष्ट महिलाओं के प्रेरणादायी अनुभव भी प्रस्तुत किए जाएंगे।




