
जोधपुर, राजस्थान। शहर की प्रतिष्ठित साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए जोधपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और जांच के दायरे को लगातार व्यापक किया जा रहा है। रविवार को जांच को उस समय नई गति मिली, जब जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश स्वयं घटनास्थल पहुंचे और आश्रम परिसर का गहन निरीक्षण किया। पुलिस कमिश्नर ने आश्रम के हर हिस्से का बारीकी से जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से अब तक की जांच प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उनकी मौजूदगी से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि पुलिस इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर गंभीरता से आगे बढ़ रही है और किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। मामले की तह तक पहुंचने के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफ़एसएल) की टीमें पूरी सक्रियता के साथ जांच में जुटी हुई हैं। एफएसएल की टीम ने एक बार फिर आश्रम पहुंचकर घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य, फिंगरप्रिंट्स और अन्य अहम नमूने एकत्र किए हैं, ताकि मौत के कारणों की वैज्ञानिक पुष्टि की जा सके। साथ ही, एसआईटी की टीम आश्रम से जुड़े सेवादारों, कर्मचारियों और आसपास के लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और साध्वी के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स की भी गहन जांच की जा रही है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय आश्रम में कौन-कौन मौजूद था और साध्वी की अंतिम गतिविधियां क्या थीं। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि कथित तौर पर लगाया गया इंजेक्शन किसने लगाया, उसमें कौन-सी दवा थी और उस समय मौके पर किन लोगों की मौजूदगी रही। जांच में यह भी सामने आया है कि साध्वी प्रेम बाईसा मौत से एक दिन पहले अजमेर से लौटी थीं। उनकी अजमेर यात्रा के उद्देश्य, वहां किन लोगों से मुलाकात हुई और किस कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया, इन सभी बिंदुओं पर एसआईटी विशेष रूप से फोकस कर रही है। टीम उनकी यात्रा से जुड़ी पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है, ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। इसके साथ ही, एसआईटी ने साध्वी की संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है। साध्वी प्रेम बाईसा के नाम पर मौजूद चल-अचल संपत्तियों, ट्रस्ट, आश्रम से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक खातों की जानकारी खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि हाल के दिनों में किसी संपत्ति, लेन-देन या किसी प्रकार के दबाव को लेकर कोई विवाद तो नहीं था। पुलिस का कहना है कि जांच हर कोण से आगे बढ़ाई जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जांच निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ेगी।




