
बीड। मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने बीड के नारायणगढ़ में दशहरा उत्सव के मौके पर एक भव्य रैली की, जिस पर पूरे महाराष्ट्र की नज़र रही। हज़ारों की संख्या में मराठा प्रदर्शनकारी इस रैली में शामिल हुए। तबीयत ठीक न होने और छत्रपति संभाजीनगर में इलाज चलने के बावजूद, जरांगे एम्बुलेंस से नारायणगढ़ पहुँचे और मंच से सरकार को सीधी चेतावनी दी। जरांगे पाटिल ने अपने भाषण में न सिर्फ़ मराठा आरक्षण बल्कि किसानों की समस्याओं को भी मुखरता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर सरकार अगले महीने दिवाली तक हैदराबाद और सतारा गजेटियर लागू नहीं करती, ज़िला परिषद और अन्य स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा नहीं करती, तो सरकार का एक भी उम्मीदवार चुनाव में विजयी नहीं होगा। उन्होंने कहा- हम सरकार को राजपत्र के लिए केवल एक महीने का समय दे रहे हैं। उसके बाद नहीं। अगर सरकार हैदराबाद और सतारा का राजपत्र लागू नहीं करती, तो ज़िला परिषद में सरकार के लिए एक भी सीट नहीं चुनी जाएगी। किसानों की माँगें पूरी नहीं हुईं, तो वे भी सरकार को वोट नहीं देंगे। हम अपने गाँवों में मतदान ही नहीं होने देंगे। जरांगे ने यह भी दावा किया कि सरकार ने सतारा, औंध और पुणे का राजपत्र ले लिया है तथा कोल्हापुर का राजपत्र लेने पर सहमति जताई है। लेकिन अगर दिवाली तक मराठवाड़ा के सभी मराठों को आरक्षण में शामिल नहीं किया गया और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को 100 प्रतिशत मुआवजा और कर्जमुक्ति नहीं मिलती, तब तक चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं होने दी जाएगी और मंत्रियों को महाराष्ट्र में बैठकों की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।




