
मुंबई। मुंबई में हाल ही में आई बाढ़ की घटनाओं और नागरिक असुविधा को लेकर उपनगरीय संरक्षक मंत्री आशीष शेलार के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को बीएमसी मुख्यालय में नगर आयुक्त भूषण गगरानी से मुलाकात की। इस दौरान शेलार ने पिछले 20 वर्षों में नागरिक परियोजनाओं पर हुए 1 लाख करोड़ रुपये के खर्च का श्वेत पत्र जारी करने की मांग की, जिसमें खासतौर पर अधूरी पड़ी ब्रिमस्टोवाड स्टॉर्मवॉटर ड्रेनेज प्रणाली पर सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि भारी फंडिंग के बावजूद यह परियोजना अब तक केवल 25-50 मिमी बारिश झेलने लायक ही बन पाई है, जबकि मुंबई में हर साल इससे कहीं अधिक वर्षा होती है। शेलार ने मीठी नदी परियोजना में फर्जी अनुबंधों और भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए, जिन्हें बीएमसी अधिकारियों ने खारिज किया। फिर भी शेलार ने बीएमसी से आग्रह किया कि वह नागरिकों के समक्ष इन आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करे। विक्रोली में हाल ही में पेड़ गिरने से हुई एक मौत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बीएमसी को स्वामित्व की परवाह किए बिना खतरनाक लटकती शाखाओं को छांटने का काम मुफ्त में और तत्काल करना चाहिए। साथ ही उन्होंने उपनगरों में चिन्हित 82 खतरनाक स्थलों में से 47 भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय न होने पर चिंता व्यक्त की। शेलार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि बीएमसी ने मानसून से पहले उचित कदम नहीं उठाए, तो किसी भी अनहोनी के लिए नगर आयुक्त को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने बीएमसी से आठ दिनों के भीतर सभी लंबित कार्यों को पूरा करने और 24 घंटे के भीतर जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप लगाने की मांग की। आयुक्त गगरानी ने आश्वासन दिया कि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। शेलार ने यह भी कहा कि भाजपा के पूर्व नगरसेवक पूरे मानसून के दौरान प्रगति की बारीकी से निगरानी करेंगे और किसी भी लापरवाही को सार्वजनिक किया जाएगा। बैठक में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट समयबद्धता और ठोस योजनाएं बनाने पर जोर दिया गया।




