
मुंबई। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार और रक्षा बलों के बीच समन्वय बढ़ाने को लेकर रविवार को मुंबई के ‘वर्षा’ निवास पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कई प्रमुख एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक में स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सरकार अब राज्य की सुरक्षा के लिए रक्षा बलों के साथ और अधिक समन्वय और तत्परता से कार्य करेगी। उन्होंने कहा, “भारतीय सेना ने जिस ताकत और सटीकता के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया, वह अभूतपूर्व है। मैं हमारे सैन्य बलों को सैल्यूट करता हूं। मुंबई जैसे शहर की सुरक्षा सर्वोपरि है क्योंकि यह भारत की आर्थिक राजधानी है। बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार के साथ-साथ राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, भारतीय सेना की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल पवन चड्ढा और कर्नल संदीप सील, नौसेना के रियर एडमिरल अनिल जग्गी और कमांडर नितेश गर्ग तथा वायुसेना के एयर वाइस मार्शल रजत मोहन मौजूद थे। बैठक का मुख्य फोकस राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को तेज करने, तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा राज्य सरकार और सेना के बीच एक तेज और प्रभावी समन्वय प्रणाली विकसित करने पर था। इसके अतिरिक्त रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT), बॉम्बे पोर्ट ट्रस्ट (BPT), बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), एंटी-टेररिज़्म स्क्वॉड (ATS) और होमगार्ड के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने साइबर सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा, “खुफिया जानकारी का समय पर आदान-प्रदान अत्यंत आवश्यक होगा। सभी एजेंसियों को साइबर स्पेस में अधिक सतर्क रहना होगा। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव विकास खारगे, अपर मुख्य सचिव अश्विनी भिडे, सचिव श्रीकर परदेशी, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव इक्बाल सिंह चहल, पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन्द्र भारती, मुंबई महापालिका के अतिरिक्त आयुक्त विपिन शर्मा, नागरी सुरक्षा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रभातकुमार, खुफिया विभाग के एआईजी शिरीष जैन, आपदा प्रबंधन की अपर मुख्य सचिव सोनिया सेठी, और मुंबई व उपनगरों के जिलाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में यह संकल्प लिया गया कि राज्य सरकार और सभी सुरक्षा एजेंसियां एकजुट होकर हर स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार रहेंगी।




