
मालवण। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, स्वाभिमान और प्रेरणा की स्मृति में मालवण स्थित ऐतिहासिक राजकोट किले पर भव्य कांस्य प्रतिमा का लोकार्पण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित समारोह में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, पालकमंत्री नितेश राणे, सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, सांसद नारायण राणे समेत अनेक गणमान्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस भव्य प्रतिमा को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि समूचे भारत के गौरव हैं। यह प्रतिमा न केवल इतिहास को जीवंत करती है, बल्कि युवाओं को स्वाभिमान, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति की सीख देती है।” उन्होंने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग ने रिकॉर्ड समय में यह कार्य पूर्ण किया है, जो सराहनीय है।
उल्लेखनीय निर्माण तकनीक और सहयोग
इस परियोजना को 31.75 करोड़ रूपए की लागत से वरिष्ठ मूर्तिकार राम सुतार और उनकी टीम ने ईपीसी (EPC) आधार पर साकार किया है। 60 फीट ऊँची यह तलवारधारी कांस्य प्रतिमा देश की सबसे ऊँची शिवाजी प्रतिमा मानी जा रही है। इसे स्थायित्व देने के लिए स्टेनलेस स्टील के फ्रेमवर्क, M50 ग्रेड कंक्रीट और उच्च गुणवत्ता की रॉड का उपयोग किया गया है। IIT मुंबई तथा जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स की तकनीकी सलाह व प्रमाणन से प्रतिमा का डिज़ाइन तैयार किया गया, जिसे कोकण की तेज हवाओं और समुद्री मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष तकनीकी मजबूती दी गई है।
गौरव और पर्यटन का नया केंद्र
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, “यह भूमि शिवप्रभु के चरणों से पावन है। यह प्रतिमा श्रद्धा का स्मारक बनेगी और शिवभक्तों के लिए एक नया तीर्थस्थान होगा।” उन्होंने विश्वास जताया कि इस परियोजना से कोकण में पर्यटन और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रतिमा के आसपास का परिसर सुव्यवस्थित कर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी। इस अवसर पर शिवआरती, श्रीफळ-पूजन, रंगारंग आतिशबाज़ी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। इस कार्यक्रम में मूर्तिकार अनिल सुतार और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों का विशेष सत्कार किया गया। मंच पर उपस्थित अतिथियों में विधायक दीपक केसरकर, रविंद्र चव्हाण, निलेश राणे, जिलाधिकारी अनिल पाटिल, सीआईओ डॉ. माणिक दिवे, प्रभारी पुलिस अधीक्षक रुषिकेश रावले और अन्य अधिकारी सम्मिलित थे।




