
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य के शालेय शिक्षण मंत्री दादाजी भुसे ने उच्च माध्यमिक प्रमाणपत्र (बारहवीं कक्षा) परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी है, साथ ही देश का भविष्य माने जाने वाले इन विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ भी दी हैं। यह परीक्षा महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षण मंडल द्वारा 11 फरवरी से 18 मार्च 2025 के दौरान आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 5 मई को मंडल के अध्यक्ष शरद गोसावी और सचिव देविदास कुलाल द्वारा घोषित किया गया। मंत्री भुसे ने कहा कि बारहवीं की परीक्षा विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण होती है, जिससे वे आगे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी रुचि अनुसार बढ़ सकते हैं और देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं; साथ ही उन्होंने कहा कि यह परीक्षा कोई अंतिम लक्ष्य नहीं है, और जो विद्यार्थी अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं कर सके हैं वे निराश न हों, बल्कि नई ऊर्जा के साथ अध्ययन कर सफलता प्राप्त करें। इस वर्ष राज्य के 9 विभागीय मंडलों – पुणे, नागपुर, छत्रपती संभाजीनगर, मुंबई, कोल्हापूर, अमरावती, नाशिक, लातूर और कोकण – में विज्ञान, कला, वाणिज्य, व्यवसायिक एवं ITI शाखाओं के लिए कुल 14,27,085 विद्यार्थियों ने पंजीकरण किया था, जिनमें से 14,97,969 ने परीक्षा दी और 13,02,873 विद्यार्थी सफल हुए, जिससे कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 91.88% रहा, जिसमें कोकण विभाग ने सर्वाधिक 96.74% परिणाम प्राप्त किया। विभागवार परिणाम में कोल्हापूर 93.64%, मुंबई 92.93%, छत्रपती संभाजीनगर 92.24%, अमरावती 91.43%, पुणे 91.32%, नाशिक 91.31%, नागपूर 90.52% और लातूर 89.46% पर रहे। कुल सफल विद्यार्थियों में 6,76,972 लड़के और 6,25,901 लड़कियाँ रहीं, जिनका उत्तीर्ण प्रतिशत क्रमशः 89.51% और 94.58% रहा, जिससे लड़कियाँ लड़कों से 5.07% अधिक सफल रहीं। श्रेणियों के अनुसार 1,49,932 ने विशेष श्रेणी, 4,07,438 ने प्रथम श्रेणी, 5,80,902 ने द्वितीय श्रेणी और 1,64,601 ने सामान्य श्रेणी में सफलता प्राप्त की। शाखानुसार विज्ञान का परिणाम 97.35%, वाणिज्य 92.68%, व्यवसायिक 83.26%, कला 80.52% और ITI का 82.03% रहा। दिव्यांग छात्रों में से 7,310 ने पंजीकरण किया, 7,258 ने परीक्षा दी और 6,705 सफल हुए, जिससे उनका परिणाम 92.38% रहा। बोर्ड द्वारा घोषित श्रेणी/अंकों सुधार योजना के अंतर्गत जो विद्यार्थी फरवरी–मार्च 2025 की परीक्षा में सभी विषयों में उत्तीर्ण हुए हैं, वे जून–जुलाई 2025, फरवरी–मार्च 2026 तथा जून–जुलाई 2026 में तीन बार अंकों में सुधार हेतु परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। मंत्री भुसे ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे आत्मविश्वास बनाए रखें और पढ़ाई में निरंतर लगे रहें, क्योंकि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।




