
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तीव्र गति से बढ़ते हुए हरित ऊर्जा पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आज मंत्रालय, मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में जलसंपदा विभाग, महाजेनको, महाजेनको रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और अवादा एक्वा बैटरिज प्रा. लि. के बीच नौ पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत प्रकल्पों के लिए तीन महत्वपूर्ण करारों पर हस्ताक्षर किए गए।इस अवसर पर जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटील, मंत्री गिरीश महाजन, मंत्री संजय राठौड़ और मुख्य सचिव सुजाता सौनिक भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इन करारों को राज्य की ऊर्जा नीति में एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से महाराष्ट्र की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण किया जाए। पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत प्रकल्प, अपारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में एक आधुनिक तकनीक पर आधारित समाधान है, जो विशेष रूप से कृषि, उद्योग और वाणिज्यिक क्षेत्रों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ ही पर्यावरण के अनुकूल हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि कुल ऊर्जा उत्पादन का 50 प्रतिशत हिस्सा अपारंपरिक स्रोतों से प्राप्त हो, और इस दिशा में इन परियोजनाओं की शुरुआत एक बड़ा कदम मानी जा रही है। आज हुए करारों के माध्यम से राज्य में 57,260 करोड़ रूपए का निवेश आएगा, जिससे 8,905 मेगावॉट क्षमता के प्रकल्प स्थापित होंगे और 9,200 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह पहल महाराष्ट्र को न केवल ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने की दिशा में भी राज्य के संकल्प को सशक्त बनाएगी।




