
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने अन्न व औषध प्रशासन विभाग (एफडीए) को और अधिक मजबूत व कार्यक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अन्न व औषध प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में विभाग के अंतर्गत “दक्षता और गुप्त वार्ता” के लिए एक स्वतंत्र इकाई गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस इकाई का उद्देश्य मिलावटी खाद्य पदार्थों पर तेजी से कार्रवाई करना और प्राप्त शिकायतों का तुरंत समाधान सुनिश्चित करना है। बैठक में एफडीए आयुक्त राजेश नार्वेकर, उपसचिव अनिल अहिरे, सहआयुक्त (विधि) दा.रा.गहाणे, प्रभारी सहआयुक्त मुख्यालय (अन्न) उल्हास इंगवले, और कक्ष अधिकारी साईनाथ गालनवाड उपस्थित थे। मंत्री झिरवळ ने निर्देशित किया कि इस नई इकाई में पदानुसार काम का बंटवारा हो और पर्याप्त मानव संसाधन की नियुक्ति की जाए ताकि विभागीय कार्यप्रणाली में गति लाई जा सके। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार ‘एनालॉग पनीर’ पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मंत्री ने इस संदर्भ में पनीर के निश्चित वजन और आकार तय करने की आवश्यकता भी जताई। मंत्री झिरवळ ने कहा कि आम नागरिकों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखना विभाग की प्राथमिकता है और इसके लिए एफडीए की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इस नई पहल से मिलावटी खाद्य के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।




