
मुंबई। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की संस्कृति को बढ़ावा देने और नागरिकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र में 1 मई 2025 से “कंपोस्ट गड्ढा भरो, अपना गांव स्वच्छ रखो” अभियान शुरू किया जाएगा। यह जानकारी महाराष्ट्र के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटील ने दी। मंत्रालय में आयोजित जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान की समीक्षा बैठक में मंत्री पाटील ने कहा कि संपूर्ण स्वच्छता के साथ-साथ गांवों को दृश्यमान स्वच्छता के अपेक्षित मानक तक लाना आवश्यक है। इस अभियान का उद्देश्य सेंद्रिय (जैविक) कचरे का प्रभावी प्रबंधन, घनकचरा नियंत्रण, और पर्यावरण अनुकूल उपायों को अपनाना है। इस अभियान को 1 मई से 30 सितंबर 2025 तक यानी कुल 138 दिनों तक राज्यभर में चलाया जाएगा। बैठक में जल आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव संजय खंदारे, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सदस्य सचिव अभिषेक कृष्णा, जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन के संचालक ई. रविंद्रन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री पाटील ने यह भी कहा कि, “जल संकट से जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मई महीने में पानी टैंकर आपूर्ति की प्रभावी योजना बनाना आवश्यक है।” उन्होंने जल जीवन मिशन में खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण में तेजी लाने और इसके लिए स्थानीय स्तर पर समन्वय करने के निर्देश दिए।
‘जलमित्र’ प्रशिक्षण का आयोजन
बैठक में यह जानकारी दी गई कि गांवों में जल संरक्षण और जल साक्षरता बढ़ाने के लिए ‘जलमित्र’ प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके जरिए स्थानीय नागरिकों को जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। बैठक में घनकचरा प्रबंधन, ओडीएफ (हागणदारी मुक्त) मॉडल गांव, सीवेज प्रबंधन, और प्लास्टिक कचरे के नियंत्रण जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।




