
मुंबई। भारत रत्न डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर की 134वीं जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन निदेशालय द्वारा एक विशेष “डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर टूर सर्किट” का आयोजन 14 और 15 अप्रैल, 2025 को किया जा रहा है। इस दो दिवसीय यात्रा का उद्देश्य बाबासाहेब के जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान को आम जनता तक पहुँचाना और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक प्रसारित करना है। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने घोषणा की कि यह टूर नागरिकों और पर्यटकों के लिए पूरी तरह निःशुल्क होगा। टूर सर्किट में मुंबई, नासिक और नागपुर के बाबासाहेब से जुड़े ऐतिहासिक और प्रेरणादायी स्थलों को शामिल किया गया है। मुंबई में दादर की चैत्यभूमि, राजगृह, प्रिंटिंग प्रेस, परेल स्थित बीआईटी चॉल, वडाला का डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर कॉलेज और फोर्ट का सिद्धार्थ कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं। नासिक में यात्री येवले मुक्तिभूमि, त्रिरश्मी गुफाएं और कालाराम मंदिर का दौरा करेंगे, जबकि नागपुर में दीक्षाभूमि, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर संग्रहालय, कामठी का ड्रैगन पैलेस और नागलोक विहार भ्रमण में शामिल होंगे। प्रमुख सचिव अतुल पाटने ने इसे एक “अभिनव पहल” बताया और कहा कि यह टूर सर्किट बाबासाहेब के विचारों और सामाजिक क्रांति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा, “चैत्यभूमि और दीक्षाभूमि जैसे स्थल केवल श्रद्धा के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणा भी हैं। इस पहल से पर्यटन को बल मिलेगा और स्थानीय समुदायों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस दौरे के माध्यम से नागरिकों को बाबासाहेब की समृद्ध विरासत, संविधान निर्माण में उनके योगदान, और समाज में समानता, शिक्षा और न्याय के लिए उनके संघर्ष को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा। महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, यह पहल न केवल सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि सामाजिक जागरूकता और प्रेरणा का एक स्थायी स्तंभ भी बनेगी। पर्यटन विभाग ने इस आयोजन के लिए विस्तृत योजना तैयार की है, ताकि प्रतिभागियों को एक सुरक्षित, सुलभ और जानकारीपूर्ण अनुभव मिल सके। उम्मीद है कि यह टूर सर्किट नागरिकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया प्राप्त करेगा और बाबासाहेब के विचारों को और गहराई से समझने में मदद करेगा।




