
मुंबई। विशेष खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए, राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुंबई यूनिट ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर एक बड़े सोना तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में एक शारीरिक रूप से विकलांग यात्री, जो व्हीलचेयर पर था, के जूतों में छिपाकर लाया गया 6.3 करोड़ रूपए मूल्य का सोना जब्त किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी भारत चमनलाल शेठ, जो एक भारतीय नागरिक है, 11 अप्रैल की रात करीब 9:55 बजे थाई एयरवेज फ्लाइट TG-317 से बैंकॉक से मुंबई पहुँचा था। जैसे ही उसने कस्टम ग्रीन चैनल पार किया, उसे डीआरआई अधिकारियों ने संदेह के आधार पर रोका।
जांच के दौरान उसके जूतों से 96.5 प्रतिशत शुद्धता वाले 6,735.42 ग्राम सोना बरामद हुआ, जिसकी बाजार कीमत 6,30,43,531 रूपए आँकी गई। जब्त किए गए सोने को सीमा शुल्क विभाग में घोषित नहीं किया गया था, और आरोपी ने कोई आवश्यक दस्तावेज या घोषणा फॉर्म भी प्रस्तुत नहीं किया।
हवाला नेटवर्क से जुड़ाव और दूसरा आरोपी गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान शेठ ने स्वीकार किया कि यह सोना मुंबई में वितरित किया जाना था। उसने अपने सहयोगी चिंतन संघवी का नाम लिया, जो इस खेप को खरीदने और हवाला लेनदेन को संभालने वाला था। 12 अप्रैल को संघवी को बुलाकर उसका बयान दर्ज किया गया, जिसमें उसने तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। वह भी जब्त सोने के लिए कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
गंभीर आपराधिक मामला, न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
चूंकि जब्त सोने पर लगने वाला सीमा शुल्क लगभग 2.42 करोड़ रूपए होता, और ड्यूटी चोरी 50 लाख रूपए से अधिक है, यह मामला “गंभीर दंडनीय अपराध” की श्रेणी में आता है। साथ ही, 1 करोड़ से अधिक मूल्य के तस्करी के कारण यह अपराध ग़ैर-जमानती है। डीआरआई ने अदालत से दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने की याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। डीआरआई को संदेह है कि यह रैकेट अंतरराष्ट्रीय तस्करी सिंडिकेट का हिस्सा है, जो भारत में अवैध सोने की आमद और हवाला नेटवर्क के जरिए धन के लेन-देन को अंजाम देता है। एजेंसी ने बताया कि जांच अभी निर्णायक मोड़ पर है, और नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए छापेमारी जारी है।




