
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शहरी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ और टिकाऊ बनाने के लिए ई-ट्रांजिट( एक व्यवहारिक और अच्छा विकल्प हो सकता है। उन्होंने अधिकारियों को इसके आर्थिक पहलुओं की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सह्याद्री अतिथिगृह में स्विट्ज़रलैंड की HESS-AG कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में बोल रहे थे। बैठक में पिंपरी-चिंचवड़ महानगर क्षेत्र में प्रायोगिक रूप से ई-ट्रांजिट सेवा शुरू करने को लेकर गहन चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना की व्यवहार्यता का परीक्षण आवश्यक है और कंपनी को चाहिए कि वह अपने ई-ट्रांजिट उत्पादों का निर्माण भारत में ही करे ताकि निर्माण और परियोजना लागत में बचत हो सके। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, अगर कंपनी कम लागत में बेहतर शहरी परिवहन प्रणाली मुहैया कराती है, तो राज्य के कम से कम 10 शहरों में यह प्रणाली लागू की जा सकती है। पिंपरी-चिंचवड़ में परियोजना की शुरुआत के लिए कंपनी को एक विस्तृत व्यवहारिक रिपोर्ट तैयार करनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में उपयोग में लाई जा रही ई-बस, मेट्रो और ई-ट्रांजिट सेवाओं के आर्थिक और कार्यात्मक पक्षों को एक साथ रखते हुए एक समग्र प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने HESS-AG को एक व्यवहारिक और व्यावसायिक रूप से मजबूत प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मेट्रो के साथ-साथ एक वैकल्पिक उच्च क्षमता की ट्रांजिट प्रणाली की भी वर्तमान शहरी परिवेश में आवश्यकता है और यदि ई-ट्रांजिट यह भूमिका निभा सकती है, तो उसका राज्य सरकार द्वारा स्वागत किया जाएगा। इस बैठक में अपर मुख्य सचिव विकास खारगे, प्रधान सचिव अश्विनी भिडे, पिंपरी-चिंचवड़ मनपा आयुक्त शेखर सिंग, और HESS-AG कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। गौरतलब है कि पिंपरी-चिंचवड़ मनपा क्षेत्र में पहले से मौजूद मेट्रो और बीआरटी (रैपिड बस सेवा) को मिलाकर एचसीएमटीआर (हाई-कैपेसिटी मास ट्रांजिट रूट) प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव है। इसी संदर्भ में आज ई-ट्रांजिट प्रणाली को लेकर व्यापक मंथन किया गया।




