
मुंबई। स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया है कि खार पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए। यह एफआईआर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में दर्ज की गई थी। कामरा की ओर से यह याचिका सीनियर वकील नवरोज सेरवाई और वकील अश्विन थूल द्वारा बॉम्बे हाई कोर्ट की जस्टिस सारंग कोतवाल और एसएम मोदक की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसी बीच, मद्रास हाई कोर्ट ने कामरा को शिंदे के खिलाफ टिप्पणी के मामले में मुंबई में दर्ज एफआईआर के संदर्भ में 17 अप्रैल तक अंतरिम राहत दी है। यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब कामरा ने एक स्टैंड-अप शो में एकनाथ शिंदे के राजनीतिक करियर पर व्यंग्य किया था। उन्होंने एक बॉलीवुड गाने की पैरोडी के जरिए शिंदे की 2022 की बगावत और महा विकास आघाड़ी सरकार को गिराने की घटना पर कटाक्ष किया। कामरा ने 23 मार्च 2025 को यह शो अपने यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। इसके बाद 24 मार्च को शिंदे गुट के शिवसैनिकों ने मुंबई के खार इलाके में स्थित हैबिटेट कॉमेडी क्लब और होटल यूनिकॉन्टिनेंटल में तोड़फोड़ की, जहां यह शो रिकॉर्ड किया गया था। शिवसैनिकों ने आरोप लगाया कि कामरा ने शिंदे का अपमान किया है और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद खार पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 356(2) (मानहानि) के तहत एफआईआर दर्ज की गई और कामरा को तीन बार समन भेजा गया। हालांकि वे 5 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। इसके अलावा, जलगांव के मेयर, नासिक के एक होटल व्यवसायी और एक व्यापारी ने भी कामरा के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि हाई कोर्ट इस मामले में क्या निर्णय देता है।




