Saturday, March 14, 2026
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फर्जी मथाडी श्रमिकों पर कसेगा शिकंजा, पंजीकरण प्रक्रिया से आएगा डिजिटल बदलाव: श्रम मंत्री आकाश फुंडकर

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बढ़ती फर्जी मथाडी श्रमिकों की समस्या पर सख्त रुख अपनाया है। श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और फर्जी पंजीकरण के जरिए व्यवस्था का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मथाडी श्रमिकों की पंजीकरण प्रक्रिया में डिजिटल सुधार किए जाएंगे। मंत्री फुंडकर ने पीटीआई को बताया कि सरकार एक मजबूत सत्यापन तंत्र विकसित कर रही है, जिसमें आधार लिंकिंग, बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली और नियोक्ता सत्यापन को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह कदम असली श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और फर्जी पंजीकरणों को खत्म करने के लिए उठाया जा रहा है।
अधिनियम में संशोधन, अस्पष्टताओं का होगा समाधान
महाराष्ट्र विधानसभा ने हाल ही में मथाडी, हमाल और अन्य मैनुअल श्रमिक (संशोधन) अधिनियम पारित किया है, जिसमें मैनुअल श्रम को “मुख्य गतिविधि” के रूप में परिभाषित किया गया है। इससे कार्य के प्रकार की अस्पष्टता दूर होगी और फर्जी श्रमिकों को हटाने में मदद मिलेगी।
“छद्म रूप में जबरन वसूली करने वाले”
मंत्री ने चिंता व्यक्त की कि बीते वर्षों में ऐसे कई लोग सामने आए हैं जो शारीरिक श्रम में लगे बिना फर्जी पंजीकरण के आधार पर मथाडी श्रमिक बनकर उद्योगों में जबरन वसूली का माहौल बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “कई व्यापारियों ने शिकायत की है कि उन्हें ऐसे मथाडी श्रमिकों को काम पर रखने के लिए मजबूर किया जाता है, जो न तो काम पर आते हैं और न ही किसी तरह का योगदान देते हैं। बिना किसी का नाम लिए, फुंडकर ने राजनीतिक रूप से जुड़े कुछ यूनियन नेताओं पर इन फर्जी पंजीकरणों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “यह अधिनियम किसी के व्यक्तिगत लाभ या राजनीतिक प्रभाव के लिए दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। फुंडकर ने बताया कि सभी मथाडी बोर्डों का जिला स्तरीय ऑडिट किया जाएगा और मौजूदा पंजीकरणों की पुनः जांच की जाएगी। अवैध पंजीकरणों को समाप्त करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति भी गठित की जाएगी।
“हम मथाडी समुदाय के खिलाफ नहीं हैं”
मंत्री ने जोर देकर कहा, “हमारा उद्देश्य मथाडी समुदाय को सशक्त बनाना है, न कि उन्हें निशाना बनाना। हम केवल व्यवस्था में सुधार चाहते हैं ताकि असली श्रमिकों को उनका हक मिल सके।
श्रम अधिकारों और निवेशकों के हित में संतुलन
सरकार श्रमिकों और उद्योगों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। फुंडकर ने कहा, “यह सरकार ईमानदार कर्मचारियों और व्यवसायियों के साथ खड़ी है। हम न तो फर्जी कर्मचारियों को बर्दाश्त करेंगे और न ही उद्योगों को परेशान होने देंगे। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर नए नीतिगत सुधार लाए जाएंगे और मौजूदा नियमों में आवश्यकतानुसार संशोधन किया जाएगा।

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