
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने देशी गोवंश पोषण योजना के तहत महाराष्ट्र की 560 गौशालाओं के बैंक खातों में 25.44 करोड़ रूपए का अनुदान ऑनलाइन जमा किया। यह अनुदान जनवरी, फरवरी और मार्च के तीन महीनों के लिए दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत प्रति गाय प्रति दिन 50 रूपए का अनुदान मिलता है। पहले चरण में, महाराष्ट्र गोसेवा आयोग के माध्यम से राज्य की 560 गौशालाओं में 56,569 गायों के पालन-पोषण के लिए 25.45 करोड़ रूपए वितरित किए गए। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि देशी गोवंश का संरक्षण समय की आवश्यकता है और इससे ग्रामीण विकास को भी गति मिलेगी। उन्होंने इस योजना का लाभ अधिक से अधिक गौशालाओं तक पहुंचाने के लिए आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। पशुपालन मंत्री पंकजा मुंडे ने भी इस पहल को देशी गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
योजना की आवश्यकता और उद्देश्य
देशी गायों की उत्पादन क्षमता कम होने के कारण उनका पालन आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं माना जाता। भाकड़ (गैर-उत्पादक) गायों का रखरखाव पशुपालकों के लिए कठिन होता है, इसलिए वे इन्हें गौशालाओं में छोड़ देते हैं। गौशालाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए महाराष्ट्र गोसेवा आयोग ने यह योजना शुरू की, जिसमें प्रति गाय प्रति दिन 50रूपए/- का अनुदान दिया जाता है। महाराष्ट्र गोसेवा आयोग के अध्यक्ष शेखर मुंदडा ने बताया कि अब तक इस योजना से 560 गौशालाओं को सीधा लाभ मिला है। इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष शेखर मुंदडा, राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक और महाराष्ट्र गोसेवा आयोग के अन्य सदस्य उपस्थित थे।




