
मुंबई। एनसीपी-एससीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को दावा किया कि दिशा सालियान मामला, जिसे हाल ही में फिर से उठाया गया है, आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश है। देशमुख ने मीडिया से बातचीत में कहा, “दिशा सालियान मामला, जिसे आगे लाया गया है, आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश है। उनकी यह टिप्पणी तब आई जब दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की जांच की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने आदित्य ठाकरे सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग की है। दिशा सालियान की मौत 8 जून, 2020 को हुई थी, और इसके कुछ ही दिन बाद, अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे।
राम कदम ने उद्धव ठाकरे पर लगाए आरोप
घाटकोपर पश्चिम से भाजपा विधायक राम कदम ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में “लापरवाही” का आरोप लगाया। राम कदम ने कहा, जब पूरा देश मांग कर रहा था कि सुशांत सिंह राजपूत का मामला सीबीआई को सौंपा जाए, तब उद्धव ठाकरे सरकार ने जानबूझकर लापरवाही दिखाई। जब बिहार पुलिस जांच के लिए मुंबई आई, तो उन्हें भी रोक दिया गया। क्या कारण था? उद्धव ठाकरे सरकार के लोगों को बचाने के लिए सारे सबूत मिटा दिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगर उद्धव ठाकरे ने सही समय पर मामला सीबीआई को सौंप दिया होता, तो सुशांत के परिवार को न्याय मिल सकता था।
सीबीआई ने सौंपी क्लोजर रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई ने शनिवार को सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। मुंबई की एक अदालत में यह क्लोजर रिपोर्ट करीब पांच साल बाद पेश की गई है। 34 वर्षीय सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद काफी विवाद हुआ था, और मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी गई थी। उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया था। पोस्टमॉर्टम मुंबई के कूपर अस्पताल में किया गया था। अब, हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इससे जांच की दिशा में नया मोड़ आ सकता है।




