
मुंबई। मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र हटाने को लेकर महाराष्ट्र में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर लोगों को असली मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया है। रायगढ़ में मीडिया से बात करते हुए अबू आजमी ने सवाल किया, “मरे हुए आदमी की कब्र खोदने से क्या देश में तरक्की हो जाएगी? क्या भुखमरी खत्म हो जाएगी? क्या सिलेंडर के दाम कम हो जाएंगे? क्या सांप्रदायिकता कम हो जाएगी?” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है।
आरएसएस की प्रतिक्रिया: इस बीच, आरएसएस के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेडकर ने इस विवाद को “अप्रासंगिक” करार दिया। उन्होंने नागपुर हिंसा पर कहा कि किसी भी तरह की हिंसा समाज के हित में नहीं है। उनके बयान पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आभार जताते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नागपुर को बीजेपी का गढ़ माना जाता है, फिर भी वहां हिंसा हुई।
VHP और बजरंग दल की धमकी: इस विवाद में हिंदूवादी संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर औरंगजेब की कब्र हटाने में देरी हुई, तो वे “बाबरी की तरह कारसेवा” करेंगे। इसके बाद औरंगजेब की कब्र के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। गौरतलब है कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब की तारीफ करते हुए उसे “क्रूर शासक नहीं” बताया। इसके बाद विधानसभा में हंगामा हुआ और आजमी को सत्र से निलंबित कर दिया गया। सफाई देते हुए आजमी ने कहा कि उन्होंने सिर्फ इतिहासकारों द्वारा लिखी बातों को दोहराया है। महाराष्ट्र में यह विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है, जहां राजनीतिक बयानबाज़ी के साथ-साथ सांप्रदायिक तनाव भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।




