मार्च तक 25 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य: फडणवीस

मुंबई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, मुंबई में 11 से 23 फरवरी तक आयोजित “महालक्ष्मी सरस विक्रय एवं प्रदर्शनी- 2025” का उद्घाटन किया। इस अवसर पर, उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किए गए महत्वपूर्ण सरकारी प्रयासों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में 10 जिलों में 10 मॉल स्थापित किए जाएंगे और धीरे-धीरे पूरे राज्य में ‘उमेद मॉल’ बनाए जाएंगे, जिससे महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े बाजार तक पहुंच प्राप्त होगी। इस योजना का उद्देश्य आने वाले वर्षों में 1 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाना है। वर्तमान में 18 लाख लखपति दीदी हैं, और यह संख्या मार्च तक 25 लाख तक पहुंचने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने उमेद अभियान की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल पिछले 21 वर्षों से लगातार जारी है, और इसके तहत 60 लाख से अधिक परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ‘उमेद’ के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामान गुणवत्ता में किसी भी निजी कंपनी के उत्पादों से श्रेष्ठ होते हैं, और उन्हें उचित विपणन रणनीतियों के माध्यम से बाजार में स्थापित किया जा रहा है। ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने भी इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का जिक्र किया और कहा कि हर जिले में ‘उमेद मॉल’ के साथ-साथ तालुका स्तर पर बिक्री केंद्र भी खोले जाएंगे। ग्राम विकास राज्य मंत्री योगेश कदम ने बताया कि ‘महिला सरस’ प्रदर्शनी को पूरे राज्य से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। इस प्रदर्शनी में 479 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें से 25 प्रतिशत अन्य राज्यों से हैं, और इसमें हस्तशिल्प, आभूषण, कारीगरी, कला, लकड़ी के खिलौने और 90 फूड स्टॉल भी शामिल हैं।
प्रदर्शनी की अवधि: 11 फरवरी- 23 फरवरी 2025
इस प्रदर्शनी में राज्य और देशभर के अद्भुत उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जो ग्रामीण कारीगरी और कला को बढ़ावा देने का एक बेहतरीन मंच है।




