
मुंबई। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की परिकल्पना पर आधारित राज्यव्यापी ‘हरित महाराष्ट्र – ३०० करोड़ वृक्षारोपण’ अभियान के अंतर्गत मुंबई उपनगर जिले में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण का संकल्प लिया गया है। इस अभियान के तहत आरे क्षेत्र की लगभग ८० एकड़ खाली भूमि पर ५ लाख पेड़ लगाए जाएंगे। मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशीष शेलार ने कहा कि आरे को अब तक केवल कागजों पर जंगल के रूप में पहचान मिली थी, लेकिन अब इसे वास्तविक रूप से हरियाली से भरपूर, समृद्ध और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी वन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में विधायक मुरजी पटेल, मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार, कोंकण विभागीय आयुक्त रुबल अग्रवाल तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस अभियान के अंतर्गत आरे कैंप, मेट्रो कारशेड क्षेत्र, मेट्रो भवन की आरक्षित भूमि, राष्ट्रीय डेयरी विकास मंडल परिसर, कृषि उद्योग विकास महामंडल, राज्य रिजर्व पुलिस बल समूह क्रमांक ८, फोर्स वन, महानंद डेयरी और पशुचिकित्सा महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट में इन क्षेत्रों में लगभग ८० एकड़ भूमि वृक्षारोपण के लिए उपलब्ध पाई गई। आशीष शेलार ने कहा कि यह अभियान केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मुंबई उपनगर के लिए एक हरित विरासत निर्माण का दीर्घकालिक प्रयास है। अभियान में जीआईएस आधारित योजना, डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली और विशेष वृक्ष संरक्षण तंत्र का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रत्येक पौधे की वृद्धि और संरक्षण पर लगातार नजर रखी जा सके। उन्होंने बताया कि पारंपरिक वृक्षारोपण के साथ-साथ मियावाकी पद्धति का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे घने, आत्मनिर्भर और जैव विविधता से समृद्ध शहरी वन विकसित किए जा सकें। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सतत विकास के माध्यम से मुंबई उपनगर को अधिक हरित, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। यह परियोजना मुंबई में बढ़ते शहरीकरण के बीच हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे पर्यावरण संतुलन, वायु गुणवत्ता और जैव विविधता को भी दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।




