इंदौर सेंट्रल जेल में 30 कैदी बीमार, तीन में डेंगू की पुष्टि
कुछ कैदियों में टाइफाइड के लक्षण, सभी बीमार बंदी एमवाय अस्पताल में भर्ती, जेल की सभी बैरकों की जांच शुरू

इंदौर, मध्य प्रदेश। इंदौर सेंट्रल जेल में अचानक 30 कैदियों के बीमार होने से जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। कैदियों के एक साथ बीमार पड़ने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सेंट्रल जेल पहुंची और सभी 30 बीमार कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में कुछ कैदियों में टाइफाइड की पुष्टि हुई, जबकि तीन कैदी डेंगू संक्रमित पाए गए। एहतियात के तौर पर सभी बीमार कैदियों को इलाज के लिए इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी माधव दास हासानी ने बताया कि सेंट्रल जेल प्रबंधन से कैदियों के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम तत्काल जेल पहुंची। टीम ने प्रत्येक बीमार कैदी की जांच की और आवश्यक नमूने लिए। जांच के दौरान तीन कैदियों में डेंगू की पुष्टि हुई, जबकि कुछ अन्य कैदियों में टाइफाइड से संबंधित संक्रमण सामने आया। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को देखते हुए जेल में व्यापक स्तर पर जांच अभियान शुरू कर दिया है। जेल की प्रत्येक बैरक का निरीक्षण किया जा रहा है और उन स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां डेंगू के मच्छरों के लार्वा पनपने की संभावना है। जहां भी लार्वा मिल रहा है, उसे नष्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। सेंट्रल जेल में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 100 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को डेंगू के लार्वा की पहचान, रोकथाम और उसे नष्ट करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि जेल परिसर में संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सके। जेल प्रशासन ने भी कैदियों की सेहत को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। किसी भी कैदी को बुखार, कमजोरी, सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत उसका परीक्षण कराया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर उसे एमवाय अस्पताल भेजकर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। बताया जा रहा है कि इंदौर सेंट्रल जेल में 2,000 से अधिक कैदी बंद हैं। ऐसे में एक साथ 30 कैदियों के बीमार होने से प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जेल परिसर में साफ-सफाई, पानी जमा होने वाले स्थानों और मच्छरों के प्रजनन की संभावित जगहों की लगातार जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जेल प्रशासन को भी नियमित सफाई, मच्छर नियंत्रण और संदिग्ध लक्षण वाले कैदियों की तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। अब स्वास्थ्य विभाग यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि अचानक इतनी बड़ी संख्या में कैदियों के बीमार होने की मुख्य वजह क्या रही और क्या जेल परिसर में संक्रमण का कोई साझा स्रोत मौजूद है। मामले की निगरानी लगातार जारी है।
