
नई दिल्ली/मुंद्रा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जानकारी दी कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने पहली बार करीब 182 करोड़ रुपये मूल्य की कैप्टागन टैबलेट जब्त की हैं। इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन रेजपिल’ नाम दिया गया है। मामले में एक सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर पश्चिम एशिया भेजी जा रही इस खेप के नेटवर्क से जुड़ा था। जानकारी के अनुसार, यह खेप गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह और दिल्ली के नेब सराय इलाके से बरामद की गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक करीब 200 किलोग्राम कैप्टागन सीरिया से भारत पहुंचा था और इसे सऊदी अरब भेजने की तैयारी थी। आरोपी ने नशीले पदार्थों को चाय की पत्तियों के डिब्बों में छिपा रखा था, जबकि कंटेनर को ऊन की खेप के रूप में घोषित किया गया था। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि मोदी सरकार “नशा मुक्त भारत” के संकल्प के प्रति प्रतिबद्ध है और देश को ट्रांजिट रूट बनाकर नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने एनसीबी की टीम की सराहना करते हुए कहा कि एजेंसियां भारत में प्रवेश करने वाले या भारत के रास्ते बाहर भेजे जाने वाले हर ग्राम ड्रग्स पर नकेल कसेंगी। कैप्टागन एक अत्यधिक व्यसनकारी सिंथेटिक एम्फेटामिन आधारित ड्रग है, जिसे कथित तौर पर आतंकवादी संगठनों द्वारा लड़ाकों की ऊर्जा और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाने के कारण “जिहादी ड्रग” भी कहा जाता है। इसे “गरीब आदमी का कोकीन” के नाम से भी जाना जाता है। जांच एजेंसियां गिरफ्तार सीरियाई नागरिक के संभावित आतंकी संबंधों और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े तारों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बंदरगाहों पर बड़ी मात्रा में ड्रग्स और प्रतिबंधित सामान पकड़े गए हैं। संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2020 से 2024 के बीच देश के विभिन्न बंदरगाहों पर 11,311 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।




