
मुंबई। मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के सर्वांगीण विकास के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बुनियादी ढांचे, बाढ़ नियंत्रण, पुनर्विकास, आधुनिक तकनीक, जल सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और पारदर्शी प्रशासन को जोड़ते हुए व्यापक विकास योजना तैयार की है। बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि मुंबई को भविष्य के वैश्विक स्तर के सुरक्षित, आधुनिक और सक्षम महानगर के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुंबई की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए 13 हजार करोड़ रुपये की एकीकृत बाढ़ नियंत्रण योजना केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विधानसभा में मुंबई और एमएमआर क्षेत्र से संबंधित नियम 293 के तहत सत्तारूढ़ दल के सदस्यों द्वारा पेश प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे।
370 बाढ़ प्रभावित स्थानों से 30 मिनट में निकाला जाएगा पानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई के 370 बाढ़ संभावित स्थानों पर बारिश का पानी केवल 30 मिनट में निकालने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। बाढ़ नियंत्रण के लिए वर्तमान में 547 पंप कार्यरत हैं, जबकि एमएमआरडीए, रेलवे और अन्य एजेंसियों को मिलाकर कुल 990 पंप उपलब्ध हैं। छह बड़े और 10 मिनी पंपिंग स्टेशन भी कार्यरत हैं।उन्होंने बताया कि इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 112 प्रतिशत नालों की सफाई की गई है, जबकि मीठी नदी से 83 प्रतिशत गाद निकाली जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मुंबई में केवल छह दिनों में जुलाई की औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई। छह दिनों में कोलाबा में 882 मिमी और सांताक्रूज में 988 मिमी बारिश हुई। महज छह दिनों में वार्षिक वर्षा का करीब 42 प्रतिशत पानी बरसा। इस दौरान 50 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और चार मीटर से अधिक ऊंची समुद्री लहरों के कारण स्थिति गंभीर हुई। इसके बावजूद विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने प्रभावी ढंग से काम किया।
नाला सफाई में एआई से पकड़ी जा रही धोखाधड़ी
नाला सफाई के कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली लागू की गई है। इसके माध्यम से फर्जी दावों, गलत बिलों और झूठी जानकारी पर नियंत्रण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रणाली के कारण वर्ष 2025 में संबंधित ठेकेदारों पर 12.50 करोड़ रुपये और 2026 में 9.25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। ब्रिमस्टोवॅड परियोजना के शेष कार्य अगले एक से दो वर्षों में पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही मुंबई की दीर्घकालीन बाढ़ समस्या के समाधान के लिए एकीकृत बाढ़ नियंत्रण योजना लागू की जाएगी।
कनेक्टिंग लिंक परियोजना महाराष्ट्र की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कनेक्टिंग लिंक परियोजना केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक है। परियोजना में दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंग, भारत का सबसे ऊंचा वायाडक्ट और सबसे ऊंचा केबल-स्टेड पुल बनाया गया है। हाल की भारी बारिश में जलवाहिनी को नुकसान पहुंचा था, लेकिन सुरंग और पुल को कोई संरचनात्मक क्षति नहीं हुई। आपातकालीन एजेंसियों ने केवल 18 घंटे में यातायात बहाल कर दिया।
बीएमसी प्रशासन में डिजिटल प्रणाली से बढ़ेगी पारदर्शिता
मुंबई महानगरपालिका प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-टेंडरिंग, एसएपी और डिजिटल नियंत्रण प्रणाली लागू की गई है। स्कूल सामग्री की खरीद और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की निविदाओं में बड़ी बचत हुई है। इसके अलावा अत्यधिक खर्च वाली 1,032 करोड़ रुपये की निविदाएं रद्द की गई हैं। मुंबई महानगरपालिका में डिजिटल ट्विन परियोजना, एआई आधारित भवन नक्शा मंजूरी प्रणाली, ई-टीडीआर एक्सचेंज, ऑनलाइन वित्तीय प्रबंधन और नागरिकों के लिए केंद्रीकृत शिकायत निवारण प्रणाली शुरू की गई है। नई एआई प्रणाली के माध्यम से 60 प्रतिशत जानकारी स्वतः उपलब्ध होगी, जिससे मंजूरी प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनेगी।
2030 तक एक हजार एमएलडी अतिरिक्त पेयजल का लक्ष्य
मुंबई की बढ़ती पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए गारगाई परियोजना को आवश्यक वन मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना से 2029 तक 500 एमएलडी अतिरिक्त पानी उपलब्ध होने की उम्मीद है। मनोरी और वर्सोवा में डिसेलिनेशन परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य 2030 तक एक हजार एमएलडी अतिरिक्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
मई 2027 तक 95 प्रतिशत सड़कों के कंक्रीटीकरण का लक्ष्य
मुंबई में सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के लिए 95 प्रतिशत सड़कों के कंक्रीटीकरण का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण का 89 प्रतिशत और दूसरे चरण का 73 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पूरी परियोजना मई 2027 तक पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है। यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गोरेगांव-मुलुंड सुरंग, उत्तरी तटीय मार्ग, विभिन्न फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। बहुमंजिला रोबोटिक पार्किंग और भूमिगत पार्किंग परियोजनाओं को भी गति दी गई है।
वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना से बनेगी 8 मेगावाट बिजली
ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 600 मीट्रिक टन क्षमता वाली वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना विकसित की जा रही है, जिससे करीब 8 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत सायन अस्पताल, नायर अस्पताल और उपनगरीय अस्पतालों का विस्तार किया जा रहा है। इससे करीब तीन हजार अतिरिक्त अस्पताल बेड उपलब्ध होंगे। सभी अस्पतालों के डेटा को एकीकृत करने के लिए एचएमआईएस प्रणाली भी विकसित की गई है।
पुनर्विकास से नागरिकों को मिल रहे 1,200 से 1,400 वर्ग फुट तक के घर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई में पुनर्विकास को गति देने के लिए स्व-पुनर्विकास, म्हाडा के माध्यम से समूह पुनर्विकास, क्लस्टर विकास और धारावी पुनर्विकास परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। स्व-पुनर्विकास के माध्यम से 600 वर्ग फुट के घरों के बदले नागरिकों को 1,200 से 1,400 वर्ग फुट तक के घर मिल रहे हैं। म्हाडा की विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से 1 लाख 8 हजार आवास बनाए जाएंगे। धारावी पुनर्विकास परियोजना के तहत करीब 1 लाख 60 हजार आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों का पुनर्वास किया जाएगा। सभी पात्र निवासियों को धारावी में ही आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
2047 तक एमएमआर की जीडीपी 825 अरब डॉलर करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2047 तक मुंबई महानगर क्षेत्र की जीडीपी को 825 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 30 नए बिजनेस हब, 30 परिवहन परियोजनाएं, वॉटर मेट्रो, मेट्रो नेटवर्क का विस्तार, नई आवास परियोजनाएं, एज्युसिटी तथा तीसरी और चौथी मुंबई जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। इन योजनाओं के माध्यम से एमएमआर को वैश्विक आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।
इंदू मिल और बालासाहेब ठाकरे स्मारक के काम को गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के साथ सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दे रही है। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के इंदू मिल अंतरराष्ट्रीय स्मारक का निर्माण तेजी से चल रहा है। हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे के अत्याधुनिक तकनीक आधारित स्मारक का काम जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र महाराष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार है। वर्तमान में जारी और अगले तीन वर्षों में विभिन्न चरणों में पूरी होने वाली परियोजनाओं की कुल लागत 12 लाख 26 हजार 707 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं की वित्तीय योजना तैयार कर ली गई है और ऋण भुगतान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
महाराष्ट्र में बढ़ा मैंग्रोव क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई और तटीय क्षेत्रों की पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए मैंग्रोव का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के वर्ष 2021 के आंकड़ों के अनुसार राज्य में मैंग्रोव क्षेत्र 302.70 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 315.09 वर्ग किलोमीटर हो गया है। इस प्रकार मैंग्रोव क्षेत्र में 12.39 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।
सिंगल टिकट प्रणाली और मेट्रो विस्तार पर काम जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि विधानसभा सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार कर रही है। फनेल जोन के मुद्दे पर जल्द बैठक आयोजित की जाएगी। पीटीएस और पीएपी आवासों की मांग के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
अतिरिक्त 0.5 एफएसआई की समय सीमा बढ़ाने की मांग पर भी सकारात्मक विचार किया जाएगा। सभी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के लिए सिंगल टिकट प्रणाली विकसित करने पर काम जारी है। चिता कैंप-कोलीवाड़ा मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए मेट्रो 2-बी के विस्तार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी मिल चुकी है और आगे की कार्रवाई जारी है।
मुंबई महाराष्ट्र का ‘ग्रोथ इंजन’, रोजगार और निवेश को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई और एमएमआर महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का ‘ग्रोथ इंजन’ हैं। राज्य में सबसे अधिक बुनियादी ढांचा निवेश और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश इसी क्षेत्र में आ रहा है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं और मुंबई देश की फिनटेक राजधानी तथा स्टार्टअप हब के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति विकास की गति को मुंबई के साथ पुणे, छत्रपति संभाजीनगर, नागपुर और गडचिरोली तक पहुंचाने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आम नागरिकों को सम्मानजनक आवास, रोजगार के अधिक अवसर, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम करती रहेगी।



