
बदायूँ, उत्तर प्रदेश। बदायूँ जनपद में कानून व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी का एक अहम उदाहरण सामने आया है, जहां क्राइम ब्रांच और इस्लाम नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने महज 48 घंटे के भीतर 13 महीने के मासूम सौरव को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में एक महिला नर्स सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना 15/16 अप्रैल की दरमियानी रात की है, जब इस्लाम नगर क्षेत्र के एक मैरिज लॉन में शादी समारोह चल रहा था और जयमाल की रस्म के दौरान परिवार के लोग जश्न में व्यस्त थे। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर एक महिला ने पालने में सो रहे मासूम को उठाकर फरार हो गई। कुछ देर बाद जब परिजनों की नजर खाली पालने पर पड़ी तो खुशी का माहौल चीख-पुकार में बदल गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। जांच के दौरान पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि इस वारदात की मास्टरमाइंड खुशबू शाक्य नाम की महिला है, जो पेशे से नर्स है और बुलंदशहर की रहने वाली है। उसने अपने साथी मुनेश शाक्य के साथ मिलकर पहले भी एक अन्य कार्यक्रम में बच्चा चोरी की कोशिश की थी, लेकिन असफल रही थी। इसके बाद दोनों आरोपी शादी समारोह में पहुंचे और सुनियोजित तरीके से मासूम का अपहरण कर उसे कार के जरिए ले गए। बाद में आरोपियों ने बच्चे को आगरा में एक निसंतान दंपत्ति को लगभग 70 हजार रुपये में बेच दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कई टीमें गठित कीं और सर्विलांस व मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने आगरा में दबिश देकर मासूम सौरव को सकुशल बरामद कर लिया और घटना में शामिल सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त कार भी जब्त कर ली है। इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस टीम की सराहना की जा रही है। अजय साहनी ने टीम के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की, जबकि एसएसपी बदायूँ ने 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है और पुलिस महानिदेशक स्तर से प्रशंसा चिन्ह दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने जहां एक ओर समाज में छिपे संगठित अपराध के खतरनाक चेहरे को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने कानून व्यवस्था पर जनता का भरोसा और मजबूत किया है।




