महाराष्ट्र के ST बस स्टेशनों पर बनेंगे 125 ‘स्तनपान कक्ष’, माताओं को मिलेगी सुरक्षित और निजी जगह

‘हिरकणी कक्ष’ के नाम से विकसित होगी सुविधा; टोयोटा किर्लोस्कर के CSR फंड से तीन वर्षों में निर्माण, ST महामंडल को नहीं करना होगा कोई आर्थिक योगदान

मुंबई। महाराष्ट्र में महिला यात्रियों, विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली माताओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (MSRTC) राज्य के ST बस स्टेशनों पर 125 ‘स्तनपान कक्ष’ (हिरकणी कक्ष) बनाएगा। इसके लिए MSRTC और टोयोटा किर्लोस्कर मोटर प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में हुए समझौते के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार तथा परिवहन मंत्री एवं ST महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक उपस्थित रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान स्तनपान कराने वाली माताओं को अपने शिशु को दूध पिलाने और उसकी देखभाल करने के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और निजी स्थान उपलब्ध कराना है। राज्य के विभिन्न ST बस स्टेशनों पर करीब 3 मीटर × 3 मीटर आकार के प्री-फैब्रिकेटेड ‘हिरकणी कक्ष’ तैयार किए जाएंगे।
टोयोटा के CSR फंड से बनेगा पूरा प्रोजेक्ट
परियोजना के लिए टोयोटा किर्लोस्कर मोटर अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत आर्थिक सहयोग करेगी। स्तनपान कक्षों में माताओं और शिशुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक फर्नीचर, फिक्स्चर, आंतरिक वायरिंग, विद्युतीकरण और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। विशेष बात यह है कि परियोजना के निर्माण के लिए ST महामंडल को कोई आर्थिक योगदान नहीं देना होगा। पूरा प्रोजेक्ट टोयोटा किर्लोस्कर के CSR उपक्रम के माध्यम से लागू किया जाएगा।
तीन वर्षों में बनेंगे 125 स्तनपान कक्ष
समझौते के अनुसार तीन वित्तीय वर्षों में कुल 125 कक्ष तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त वर्ष 2026-27 में 50 कक्ष, 2027-28 में 50 और 2028-29 में 25 कक्ष बनाए जाएंगे। हालांकि CSR नीति, बस स्टेशनों पर उपलब्ध स्थान और स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कक्षों की संख्या में जरूरत के अनुसार बदलाव करने का प्रावधान भी समझौते में रखा गया है।
जगह और रखरखाव की जिम्मेदारी ST की
परियोजना के लिए ST महामंडल को प्रत्येक स्थान पर करीब 5 मीटर × 5 मीटर जगह उपलब्ध करानी होगी। इसके साथ आवश्यक बिजली-पानी, स्थापना के लिए सहयोग और जरूरी सरकारी अनुमतियां उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी महामंडल की होगी। निर्माण पूरा होने और कक्षों को ST महामंडल के सुपुर्द किए जाने के बाद इनके संचालन, सुरक्षा, मरम्मत, रखरखाव और निगरानी की पूरी जिम्मेदारी महामंडल संभालेगा।
महिला यात्रियों की सुविधा पर जोर
महाराष्ट्र में ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर बड़े शहरों तक प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं ST बसों से यात्रा करती हैं। लंबे सफर के दौरान छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली माताओं, खासकर स्तनपान कराने वाली महिलाओं को बस स्टेशनों पर निजी और सुरक्षित स्थान नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। ‘हिरकणी कक्ष’ के माध्यम से इसी समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि ST केवल यात्रा की सेवा नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सामाजिक जीवन से जुड़ी ‘लोकवाहिनी’ है। बस स्टेशनों पर स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए स्वतंत्र और सुरक्षित सुविधा उपलब्ध होने से महिला यात्रियों के सम्मान और यात्रा अनुभव में सकारात्मक बदलाव आएगा। सरनाईक ने कहा कि ‘हिरकणी कक्ष’ महज एक सुविधा परियोजना नहीं, बल्कि मातृत्व के सम्मान, महिलाओं की जरूरतों के प्रति संवेदनशीलता और यात्री-केंद्रित ST व्यवस्था की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

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