
छत्रपति संभाजीनगर एसीबी ने बिछाया जाल, बीड के लिंबाखेडा ग्राम पंचायत का मामला
छत्रपति संभाजीनगर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मंजूर खेत-तालाब के काम का बिल निकालने के बदले 61 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले ग्राम रोजगार सहायक को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मुकेश सोनाजी भोकर (47) के रूप में हुई है। वह बीड जिले की लिंबाखेडा ग्राम पंचायत में ग्राम रोजगार सहायक के पद पर कार्यरत है।एसीबी के अनुसार शिकायतकर्ता 25 वर्षीय किसान है। मनरेगा के तहत उसके खेत में खेत-तालाब का काम मंजूर हुआ था। उक्त काम का बिल मंजूर कराने के लिए आरोपी भोकर ने शिकायतकर्ता से 61 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत देने की इच्छा नहीं होने के कारण किसान ने 31 अगस्त को एसीबी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।शिकायत के बाद एसीबी ने रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान 61 हजार रुपये की मांग की पुष्टि होने के बाद आरोपी 60 हजार रुपये लेने पर सहमत हो गया। इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाया। शिकायतकर्ता ने आरोपी को फोन कर लिंबाखेडा गांव स्थित भारत गार्डन के पास आरओ प्लांट पर बुलाया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ पाटोदा पुलिस थाने, बीड में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। कार्रवाई एसीबी छत्रपति संभाजीनगर की पुलिस अधीक्षक माधुरी केदार-कांगणे, अपर पुलिस अधीक्षक शशिकांत सिंगारे और प्रभारी पुलिस उपअधीक्षक प्रशांत पवार के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस निरीक्षक भास्कर नवले और जांच अधिकारी पुलिस उपअधीक्षक बालासाहेब शिंदे सहित एसीबी की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा सरकारी काम के बदले रिश्वत की मांग किए जाने पर बिना डर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क कर शिकायत करें।

