HomeUncategorizedमहाराष्ट्र में वायरस डायग्नोस्टिक लैब का विस्तार, स्वास्थ्य व्यवस्था को मिला मजबूत...

महाराष्ट्र में वायरस डायग्नोस्टिक लैब का विस्तार, स्वास्थ्य व्यवस्था को मिला मजबूत आधारकोविड समेत कई संक्रमणों की जांच में अहम भूमिका, लाखों मरीजों की हुई जांच

अहम

अहम

मुंबई। राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर विषाणु (वायरस) निदान प्रयोगशालाओं का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत 13 जुलाई 2017 को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर देशभर में प्रस्तावित 150 अत्याधुनिक वायरस लैब में महाराष्ट्र को उचित हिस्सा देने की मांग की गई थी, जिसमें नागपुर और मुंबई में राज्यस्तरीय लैब तथा विभिन्न विभागों के मेडिकल कॉलेजों में प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया था।केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए नागपुर के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय में राज्यस्तरीय विषाणु प्रयोगशाला को मंजूरी दी। इसके अलावा Nagpur, Akola, Chhatrapati Sambhajinagar, Solapur, Dhule और Miraj के मेडिकल कॉलेजों में भी ऐसी प्रयोगशालाएं स्थापित करने को स्वीकृति दी गई।इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा कुल 29 करोड़ 21 लाख रुपये का निधि उपलब्ध कराया गया, जिससे आधुनिक उपकरणों की खरीद कर इन लैब्स को कार्यरत किया गया। COVID-19 महामारी के दौरान इन प्रयोगशालाओं ने आरटी-पीसीआर जांच के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बड़े पैमाने पर परीक्षण संभव हुआ।इन लैब्स के माध्यम से अब विभिन्न विषाणुजनित रोगों का प्रभावी निदान किया जा रहा है। अब तक कोविड-19 (37,21,154), डेंग्यू (88,327), चिकनगुनिया (39,817), जीका (3,923), स्क्रब टायफस (7,091), इन्फ्लुएंजा (27,536), एचबीवी (1,53,180) और रोटावायरस (651) सहित कुल 40,41,689 मरीजों की जांच की जा चुकी है।इस पहल से महाराष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिली है और भविष्य में संभावित संक्रामक रोगों से निपटने के लिए राज्य अधिक सक्षम बन गया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments