बीमारी ठीक करने और ‘पैसों की बारिश’ का झांसा देकर महिला से 7.5 लाख की ठगी
कथित तांत्रिक अरुण पाटील के खिलाफ जादूटोणा विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज, पूजा में मानव खोपड़ी और पशु बलि के इस्तेमाल का आरोप

नाशिक। बीमारी ठीक करने और कथित दैवी व अघोरी शक्तियों के जरिए “पैसों की बारिश” कराने का लालच देकर पनवेल की एक महिला से साढ़े सात लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में गंगापुर क्षेत्र निवासी अरुण धोंडू पाटील नामक कथित तांत्रिक के खिलाफ गंगापुर पुलिस ने सोमवार, 19 अक्टूबर की देर रात महाराष्ट्र नरबलि एवं अन्य अमानवीय, अनिष्ट और अघोरी प्रथा तथा जादूटोणा प्रतिबंधक कानून के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार, पनवेल निवासी महिला दमा की बीमारी से परेशान थी। उसे नाशिक के अरुण पाटील की कथित दैवी शक्तियों के बारे में जानकारी मिली। आरोप है कि पाटील ने महिला को नाशिक लाने के लिए पनवेल वाहन भेजा। महिला और उसके पति की आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें नाशिक लाया गया और कथित पूजा-अनुष्ठान के बाद उसी तरह वापस पनवेल भेज दिया गया। बताया गया कि इस प्रकार कई बार पूजा कराई गई। महिला को कुछ समय के लिए बीमारी में सुधार होने का आभास हुआ, जिससे उसका विश्वास बढ़ गया। शिकायत के मुताबिक विभिन्न पूजा-विधियों के नाम पर उससे कुल 7.5 लाख रुपये लिए गए। महिला ने आरोप लगाया कि उसे “पैसों की बारिश” कराने का भरोसा भी दिलाया गया था, लेकिन न तो ऐसा हुआ और न ही उसकी बीमारी ठीक हुई। बाद में जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो कथित तौर पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद मामला महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) के कार्यकर्ताओं तक पहुंचा। अंनिस के पदाधिकारियों ने पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक से मुलाकात कर मामले की जानकारी दी। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुरेश आव्हाड के मार्गदर्शन में गंगापुर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। शिकायत में पूजा-विधि को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महिला से कथित तौर पर मासिक धर्म के रक्त से सने कपड़े लाने को कहा गया। आरोप है कि उसे आंखों पर पट्टी बांधकर गंगापुर रोड स्थित बालाजी मंदिर के पास ले जाया गया, जहां उसे सफेद पारदर्शी वस्त्र पहनाकर उस पर पानी डाला गया और मानव खोपड़ी, चावल, हल्दी, कुमकुम, गुलाल तथा अन्य सामग्री का इस्तेमाल कर पूजा की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि महिला द्वारा दिए गए पांच लाख रुपये की अलग से पूजा की गई और करीब दो घंटे चले अनुष्ठान के दौरान बकरे की बलि दी गई। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। अंनिस के राज्य प्रधान सचिव डॉ. टी. आर. गोराणे, राज्य सदस्य कृष्णा चांदगुडे, प्रल्हाद मिस्तरी, महेंद्र दातरंगे, रंजन लोंढे, कोमल वर्दे और डॉ. मंगेश कादे ने मामले को पुलिस के समक्ष उठाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच इस बात की भी की जा रही है कि आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों से भी ठगी की है या नहीं। कुछ अन्य व्यक्तियों और स्थानीय प्रभावशाली लोगों के भी कथित तौर पर ऐसे अनुष्ठानों के संपर्क में आने की आशंका जताई गई है। हालांकि इन दावों की अभी जांच जारी है और पुलिस ने किसी अन्य मामले में अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है।
