अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ज्वेलरी शॉप मैनेजर से करीब 4 करोड़ की वसूली, महिला गिरफ्तार
घाटकोपर में 3 लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ी गई आरोपी, मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-7 ने बिछाया जाल

इंद्र यादव/मुंबई। अश्लील वीडियो वायरल कर बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देकर घाटकोपर के एक ज्वेलरी शॉप मैनेजर से करीब 4 करोड़ रुपये की कथित वसूली करने के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महिला को घाटकोपर पश्चिम के एलबीएस रोड स्थित एक रेस्टोरेंट के पास शिकायतकर्ता से अतिरिक्त रकम लेते समय पकड़ा। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ी एक दुकान में प्रबंधक है। दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच उसकी परिचित महिला ने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के दौरान कथित रूप से अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया और इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर उससे लगातार पैसे मांगे जाने लगे। आरोप है कि महिला ने शिकायतकर्ता को पुलिस, अदालत और सीबीआई तक मामला पहुंचाने की धमकी भी दी। बदनामी के डर से पीड़ित ने अलग-अलग समय पर नकद और अन्य माध्यमों से करीब 4 करोड़ रुपये दे दिए। इसके बावजूद रकम की मांग बंद नहीं हुई। पुलिस के मुताबिक, पैसे नहीं देने पर शिकायतकर्ता को मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी गई। लगातार वसूली से परेशान होकर पीड़ित ने मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-7, घाटकोपर से संपर्क किया। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने महिला को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को महिला ने शिकायतकर्ता से कथित तौर पर तीन लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की थी। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता घाटकोपर पश्चिम स्थित एलबीएस रोड पर पहुंचा। महिला जैसे ही रकम लेने पहुंची, वहां पहले से मौजूद क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे पकड़ लिया। मामले में घाटकोपर पुलिस स्टेशन में गु.र.क्र. 1253/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी महिला को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है।क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में महिला अकेले काम कर रही थी या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस पीड़ित द्वारा दिए गए करीब चार करोड़ रुपये के लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इसी तरीके से किसी अन्य कारोबारी या व्यक्ति को धमकाकर वसूली तो नहीं की गई। मामले में आगे की जांच क्राइम ब्रांच यूनिट-7 कर रही है।
