
मुंबई। मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम्स अधिकारियों ने वन्यजीव तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री के पास से 29 विदेशी जंगली जानवर बरामद किए हैं। अधिकारियों ने यात्री को रविवार को संदेह के आधार पर रोका, जिसके बाद उसके सामान की तलाशी में कई दुर्लभ और विदेशी प्रजातियों के जीव पाए गए। कस्टम्स अधिकारियों ने कार्रवाई के बाद वन्यजीव संरक्षण संस्था रेस्किंक एसोसिएशन फॉर वाइल्डलाइफ़ वेलफ़ेयर की रेस्क्यू टीम को मौके पर बुलाया। यह अभियान वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और वन विभाग के सहयोग से चलाया गया, ताकि बरामद जीवों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, यात्री के बैग में कई विदेशी प्रजातियों के जीवों को छिपाकर रखा गया था। बरामद जीवों में गिबन, मेलानिस्टिक गिलहरी, बॉल पाइथन और इगुआना जैसी प्रजातियां शामिल हैं। रेस्क्यू टीम ने जानवरों को बरामद करने के बाद उनकी स्थिति स्थिर करने और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की।
RAWW के प्रतिनिधियों ने बताया कि जानवरों को अत्यंत सीमित और असुविधाजनक परिस्थितियों में सामान के भीतर छिपाकर रखा गया था। विशेषज्ञों के अनुसार विदेशी और दुर्लभ पालतू जानवरों की बढ़ती मांग के कारण इस प्रकार का अवैध व्यापार लगातार बढ़ रहा है। तस्करी के दौरान जानवरों को अक्सर पर्याप्त हवा, भोजन और देखभाल नहीं मिलती, जिससे उन्हें गंभीर शारीरिक और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है तथा कई मामलों में उनकी मौत भी हो जाती है।
कस्टम्स विभाग ने आरोपी के खिलाफ कस्टम्स एक्ट 1962 और वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत बरामद किए गए जानवरों को उनके मूल देश वापस भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। गौरतलब है कि पिछले वर्ष अगस्त में भी मुंबई एयरपोर्ट पर 70 से अधिक वन्यजीवों की तस्करी का मामला सामने आया था। ताजा घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा मार्गों का उपयोग कर वन्यजीवों की अवैध तस्करी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जिससे निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।



