
मुंबई। मुंबई पुलिस ने शहर में हथियारों पर नियंत्रण मजबूत करने और लाइसेंस प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से पिछले ढाई वर्षों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 524 गन लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। वहीं इसी अवधि में केवल 87 नए हथियार लाइसेंस जारी किए गए हैं। यह कदम हथियारों के दुरुपयोग को रोकने और केवल वास्तविक आवश्यकता रखने वाले व्यक्तियों तक ही लाइसेंसी हथियार सीमित रखने की नीति के तहत उठाया गया है। मुंबई पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में 255 हथियार लाइसेंस रद्द किए गए, जबकि 2025 में 242 लाइसेंस निरस्त किए गए। वर्ष 2026 में 31 मार्च तक 27 लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। इसके विपरीत नए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया बेहद सीमित रही। वर्ष 2024 में 17, वर्ष 2025 में 66 और वर्ष 2026 में 31 मार्च तक केवल 4 नए लाइसेंस जारी किए गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2024 में नए हथियार लाइसेंस के लिए 122 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से केवल 30 को मंजूरी दी गई। वर्ष 2025 में 117 आवेदनों में से मात्र 7 को स्वीकृति मिली, जबकि वर्ष 2026 में 31 मार्च तक प्राप्त 44 आवेदनों में से केवल 3 को मंजूरी दी गई। वर्तमान में मुंबई में पहले से जारी लगभग 11,500 हथियार लाइसेंस अस्तित्व में हैं, जिनकी चरणबद्ध समीक्षा की जा रही है। मुंबई पुलिस अधिकारियों के अनुसार लाइसेंस रद्द करने के प्रमुख कारणों में हथियार रखने की आवश्यकता का पर्याप्त आधार प्रस्तुत न करना, लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण न कराना, आपराधिक पृष्ठभूमि का सामने आना तथा हथियारों के दुरुपयोग से जुड़े मामले शामिल हैं।
फरवरी 2024 में पूर्व नगरसेवक अभिषेक घोसालकर की हत्या के मामले ने भी हथियार लाइसेंस की समीक्षा प्रक्रिया को तेज कर दिया था। जांच में सामने आया था कि आरोपी ने कथित रूप से अपने सुरक्षा गार्ड की लाइसेंसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा अक्टूबर 2024 में गोविंदा के साथ हुई दुर्घटना, जिसमें उनकी लाइसेंसी रिवॉल्वर से गलती से गोली चलने के कारण उन्हें चोट लगी थी, ने भी लाइसेंसधारकों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हथियार लाइसेंस केवल व्यक्तिगत सुरक्षा की वास्तविक आवश्यकता वाले लोगों को ही दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कई लोग बिना किसी ठोस सुरक्षा कारण के लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है। इसी कारण जांच और सत्यापन प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक कठोर बनाया गया है। मुंबई पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य हथियारों के अनावश्यक प्रसार को रोकना, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और यह सुनिश्चित करना है कि लाइसेंसी हथियार केवल उन्हीं व्यक्तियों के पास रहें जिन्हें वास्तव में उनकी आवश्यकता है। इससे शहर में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।



