₹4 लाख की पेनाल्टी के खिलाफ थमे 2 हजार डंपरों के पहिए, भोपाल में 700 मालिक धरने पर
रेत-गिट्टी की स्थानीय सप्लाई प्रभावित; डंपर मालिकों का आरोप- ₹4 लाख के अलावा ₹20 से 40 हजार तक वसूला जा रहा अतिरिक्त जुर्माना, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

भोपाल। भारी-भरकम पेनाल्टी के विरोध में राजधानी के करीब दो हजार डंपर संचालकों ने काम बंद कर दिया है। डंपर मालिकों का आरोप है कि परिवहन के दौरान कार्रवाई होने पर उन पर ₹4 लाख का तय जुर्माना और इसके अलावा ₹20 से 40 हजार तक अतिरिक्त पेनाल्टी लगाई जा रही है। इसके विरोध में करीब 700 डंपर मालिक चूनाभट्टी चौराहे पर धरना दे रहे हैं। लोकल ट्रांसपोर्ट जागरूकता सहायता समिति के बैनर तले चल रहा धरना सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। डंपर मालिकों का कहना है कि पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में वाहन अलग-अलग स्थानों पर खड़े हैं। इससे रेत, गिट्टी और कोपरा की स्थानीय सप्लाई भी प्रभावित हुई है। डंपर मालिकों के अनुसार कोलार रोड पर करीब 100, ईंटखेड़ी में 80, रायसेन रोड पर 25 और 11 मील क्षेत्र में करीब 70 डंपर खड़े किए गए हैं। कोलार रोड स्थित चूनाभट्टी चौराहे से सर्वधर्म ब्रिज तक सड़क के दोनों ओर भी डंपर खड़े होने से यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।,
तीन साल से जुर्माना लगाने का दावा
संगठन के सचिव रोहित यादव ने बताया कि परिवहन के दौरान डंपर पकड़े जाने पर ₹4 लाख का फिक्स जुर्माना लगाया जा रहा है। इसके साथ ही ₹20 से 40 हजार तक अतिरिक्त जुर्माना भी वसूले जाने का उन्होंने दावा किया। संगठन के मुताबिक पिछले तीन साल से इस तरह की कार्रवाई हो रही है। डंपर मालिकों ने जुर्माने की प्रक्रिया को मनमाना और भेदभावपूर्ण बताते हुए इस पर तत्काल पुनर्विचार की मांग की है। उनका कहना है कि इतनी भारी पेनाल्टी के कारण इस व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अपनी समस्या रखना चाहते हैं और इसके लिए सांसदों एवं विधायकों से संपर्क किया जा रहा है। डंपर मालिकों ने चेतावनी दी है कि समाधान नहीं निकला तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। मंगलवार को संगठन की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। डंपर मालिकों ने सरकार से पेनाल्टी की कार्रवाई पर पुनर्विचार कर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग की है।
