एशियन गेम्स में पश्चिम रेलवे की महिला खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, छह खिलाड़ियों ने जीते पदक
चार खिलाड़ी स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीमों का रहीं हिस्सा, दो ने जीता रजत, महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने कहा— युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं उपलब्धियां

मुंबई। पश्चिम रेलवे ने हाल ही में संपन्न 20वें एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अपने खिलाड़ियों के साथ बुधवार, 7 अक्टूबर को चर्चगेट स्थित पश्चिम रेलवे मुख्यालय में मीडिया संवाद आयोजित किया। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में पश्चिम रेलवे की छह महिला पदक विजेता खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया। इनमें चार खिलाड़ी स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीमों का हिस्सा रहीं, जबकि दो खिलाड़ियों ने रजत पदक हासिल किए। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए इस बात पर विशेष गर्व व्यक्त किया कि पश्चिम रेलवे की सभी छह पदक विजेता खिलाड़ी महिलाएं हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के समर्पण और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए उनकी सफलता को युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। साथ ही प्रशिक्षकों, परिवारों और रेलवे सहयोगियों के योगदान की भी सराहना की। महिला हॉकी में नवनीत कौर और सुनेलिता टोप्पो स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम की सदस्य रहीं। भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स में 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद महिला हॉकी का खिताब हासिल किया और लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालीफाई किया। महिला कबड्डी में पश्चिम रेलवे की सोनाली शिंगाटे और राज रानी स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। भारतीय टीम ने फाइनल में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं अंतिम पंघाल ने महिला 53 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में रजत पदक जीता, जबकि सोनम उत्तम मस्कर ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। महाप्रबंधक ने भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पश्चिम रेलवे के आदर्श राम की भी सराहना की, जिन्होंने पुरुष हाई जंप स्पर्धा में हिस्सा लिया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कुश्ती रेफरी के रूप में सेवाएं देने वाले सत्यदेव मलिक के योगदान की भी प्रशंसा की गई। पाण्डेय ने बताया कि वर्ष 1928 में स्थापित रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड के माध्यम से 29 मान्यता प्राप्त खेल विधाओं को प्रोत्साहन दिया जाता है। 20वें एशियन गेम्स में भारतीय रेल के 69 खिलाड़ियों, 10 प्रशिक्षकों और तीन रेफरियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। पश्चिम रेलवे में हर वर्ष 73 खिलाड़ियों की भर्ती का प्रावधान है, जिनमें 64 खिलाड़ियों की भर्ती खुली विज्ञप्ति और नौ की प्रतिभा खोज के माध्यम से की जाती है। उन्होंने कहा कि रेलवे खिलाड़ियों को रोजगार की सुरक्षा के साथ खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का अवसर देता है। प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए पात्र खिलाड़ियों को 330 दिनों तक विशेष आकस्मिक अवकाश, निर्धारित मानदंडों के अनुसार आउट-ऑफ-टर्न पदोन्नति तथा प्रोत्साहन वेतन वृद्धि जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। महाप्रबंधक ने पश्चिम रेलवे की खेल सुविधाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि मुंबई के महालक्ष्मी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में स्वीमिंग पूल, आधुनिक जिम्नेजियम, क्रिकेट और फुटबॉल सहित कई खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हैं। अहमदाबाद में पश्चिम रेलवे का क्रिकेट मैदान और उज्जैन में विशेष जिम्नास्टिक केंद्र भी खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मीडिया संवाद में प्रशिक्षकों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार के लिए परफॉर्मेंस मॉनिटरिंग, वीडियो एनालिसिस और स्पोर्ट्स साइंस के इस्तेमाल की जानकारी दी। खिलाड़ियों ने भी रेलवे से मिलने वाली वित्तीय स्थिरता, प्रशिक्षण सहयोग और प्रोत्साहन के प्रति आभार जताया। उन्होंने नियमित अभ्यास, फिटनेस, टीम समन्वय और परिवार के सहयोग को अपनी सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया। कार्यक्रम में पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक एवं पश्चिम रेलवे खेलकूद संघ के अध्यक्ष वी. ए. मालेगांवकर, मुख्य बिजली वितरण इंजीनियर एवं WRSA के मानद महासचिव विवेक दीक्षित तथा ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (स्पोर्ट्स) पप्पू यादव भी मौजूद रहे। सोनाली शिंगाटे, राज रानी और सोनम उत्तम मस्कर ने व्यक्तिगत रूप से मीडिया संवाद में हिस्सा लिया, जबकि अन्य खिलाड़ी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ीं। महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय ने मीडिया से विभिन्न खेल विधाओं और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को अधिक व्यापक स्थान देने की अपील करते हुए कहा कि इससे उभरती खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और खिलाड़ी देश के लिए और अधिक उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित होंगे।
