मराठी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री मधु कांबीकर का निधन, मुख्यमंत्री फडणवीस समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

मुंबई। मराठी फिल्म, रंगमंच और लोककला जगत की वरिष्ठ अभिनेत्री एवं प्रसिद्ध लावणी नृत्यांगना मधु कांबीकर का निधन हो गया। उनके निधन से महाराष्ट्र के सांस्कृतिक और कला जगत में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार और सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने शोक संदेश में कहा कि महाराष्ट्र की लोककला की समृद्ध विरासत को संजोकर रखने और अपनी अदाकारी तथा बहुमुखी अभिनय से मराठी सिनेमा में अलग पहचान बनाने वाली एक प्रतिभाशाली कलाकार हमारे बीच नहीं रहीं। उन्होंने कहा कि मधु कांबीकर का कला सफर लोककला से रंगमंच और फिर फिल्म जगत तक फैला रहा। पारंपरिक लावणी की विशेषताओं को बनाए रखते हुए उन्होंने कथक के अध्ययन से अपनी नृत्यशैली को और समृद्ध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मधु कांबीकर ने अपनी नृत्यशैली और अदाकारी से लावणी को नई पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई। मराठी फिल्मों में भी उन्होंने लावणी की सुंदरता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। अपने सशक्त अभिनय से अनेक विविधतापूर्ण भूमिकाओं को जीवंत बनाया। उनका कला सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी रहेगा। फडणवीस ने कहा कि मधु कांबीकर का निधन कला क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। मराठी लोककला की पताका रुपहले पर्दे पर गर्व से फहराने वाली बहुमुखी प्रतिभा की धनी कलाकार अब हमारे बीच नहीं रहीं। उन्होंने कांबीकर परिवार और उनके प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मधु कांबीकर के निधन से महाराष्ट्र की लोककला के एक गौरवशाली युग का अंत हो गया है। उन्होंने अपने सहज अभिनय, विशिष्ट नृत्यशैली और प्रभावशाली लावणी प्रस्तुतियों से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। मधु कांबीकर का जन्म बीड जिले की गेवराई तहसील के मालेगांव में हुआ था। बचपन से ही उन्हें लोककला की समृद्ध विरासत मिली और कम उम्र में उन्होंने रंगमंच पर कदम रखा। लावणी और तमाशा जैसी पारंपरिक लोककलाओं को व्यापक प्रतिष्ठा दिलाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। चार दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 75 से अधिक फिल्मों और अनेक नाटकों में अभिनय किया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण महाराष्ट्र के लोककला मंच से फिल्म जगत तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष, दृढ़ संकल्प और कला के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा। उनकी भूमिकाएं और सांस्कृतिक योगदान दर्शकों की स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेंगे। सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि मधु कांबीकर ने अपने नृत्य कौशल और समर्थ अभिनय से महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला को रुपहले पर्दे पर अमर बना दिया। कथक के अध्ययन से निखरी उनकी नृत्यशैली, सहज अदाकारी और विभिन्न भूमिकाओं को प्रभावशाली ढंग से निभाने की क्षमता उनके कला जीवन की विशेष पहचान रही। शेलार ने कहा कि मधु कांबीकर ने लावणी को अपनी कला के माध्यम से नई ऊंचाई दी और लोककला की विरासत को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाया। उनका योगदान नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सांस्कृतिक कार्य मंत्री ने दिवंगत अभिनेत्री के परिवार, प्रशंसकों और कला जगत के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
