
मुंबई। ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) 2026’ अर्थात ‘वीबी-जी राम जी’ कानून पर बुधवार को विधान भवन के केंद्रीय सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति रही। रोजगार गारंटी योजना मंत्री भरत गोगावले ने ‘वीबी-जी राम जी’ कानून की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों परिवारों को सीधे प्रगति की मुख्यधारा से जोड़ा है। ‘वीबी-जी राम जी’ योजना में ग्रामीण भारत के उत्थान और विकास की व्यापक क्षमता है। कार्यशाला के उद्घाटन कार्यक्रम में विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष एड. राहुल नार्वेकर, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, रोजगार गारंटी योजना मंत्री भरत गोगावले, विधायक एवं रोजगार गारंटी योजना समिति के प्रमुख सुनील शेळके, केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव रोहिणी भाजीभाकरे और सचिव अप्पासो धुलाज उपस्थित थे। मंत्री भरत गोगावले ने कहा कि महाराष्ट्र में इस योजना को लागू करने में तत्परता दिखाते हुए केवल आठ दिनों के रिकॉर्ड समय में अधिसूचना जारी कर इसके लिए अलग लेखाशीर्ष तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में प्रभावी रूप से लागू की जा रही ‘मातोश्री पांदन सड़क योजना’ आज राष्ट्रीय स्तर पर आदर्श बन रही है, जो राज्य के लिए गौरव की बात है।
रोजगार गारंटी में 25 दिन की बढ़ोतरी, अब मिलेगा 125 दिन काम
ग्रामीण नागरिकों को अधिक आर्थिक स्थिरता प्रदान करने के लिए रोजगार गारंटी के दिनों में 25 दिनों की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर इसे 125 दिन कर दिया गया है।इसमें कुशल, अर्धकुशल और अकुशल सभी प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। कार्यों की संख्या 266 से बढ़ाकर 318 कर दी गई है। साथ ही मुख्य कृषि मौसम के दौरान 60 दिनों का अंतराल देने का निर्णय भी लिया गया है। मंत्री गोगावले ने विश्वास जताया कि इस योजना का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा।
एक जुलाई से पूरे देश में लागू हुआ कानून
केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव रोहिणी भाजीभाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र रोजगार गारंटी योजना का जनक है। ‘वीबी-जी राम जी’ कानून एक जुलाई से पूरे देश में लागू किया गया है। इस योजना के लिए केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत निधि उपलब्ध कराएगी। इसके तहत प्रत्येक राज्य के लिए ‘स्टेट वाइज नॉर्मेटिव एलोकेशन’ निर्धारित किया गया है।
हर ग्राम पंचायत बनाएगी पांच वर्षों का विकास खाका
ग्रामीण विकास को नियोजित स्वरूप देने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को अगले पांच वर्षों के लिए अपना स्वतंत्र ‘विकसित ग्राम पंचायत खाका’ तैयार करना होगा। योजना में पारदर्शिता लाने के लिए अब श्रमिकों की उपस्थिति ‘चेहरा पहचान प्रणाली’ के माध्यम से दर्ज की जा रही है। दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं होने पर भी यह प्रणाली ऑफलाइन तरीके से काम कर सकेगी। इसके अलावा सभी कार्यों का ग्रामसभा के माध्यम से ‘सामाजिक अंकेक्षण’ करना आवश्यक होगा।
जल संरक्षण, रोजगार और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 318 कार्य शामिल
रोहिणी भाजीभाकरे ने बताया कि योजना में शामिल 318 कार्यों में ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी गई है। इनमें जल संकट दूर करने के लिए जल संरक्षण के 107 कार्य, ग्रामीण नागरिकों की आजीविका से जुड़े 86 कार्य, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन के 37 कार्य और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के 88 कार्य शामिल हैं। इनमें 221 नए कार्य और 97 मरम्मत से संबंधित कार्यों को मंजूरी देने का प्रावधान है। कार्यशाला के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव रोहिणी भाजीभाकरे ने विधायकों की शंकाओं का समाधान किया। इस अवसर पर मंत्री, राज्यमंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



