500 करोड़ की ऑडियो क्लिप पर महायुति में घमासान, सीएम फडणवीस ने दिए फॉरेंसिक जांच के आदेश
रामदास कदम का आरोप— भाजपा के कुछ लोगों ने जरांगे के साथ मिलकर एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश रची

मुंबई। मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े कथित 500 करोड़ रुपये के ऑडियो क्लिप विवाद ने महाराष्ट्र के सत्ताधारी महायुति गठबंधन में राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को क्लिप की विस्तृत फॉरेंसिक जांच कराने की घोषणा की, वहीं शिवसेना नेता रामदास कदम ने भाजपा के कुछ लोगों पर मराठा नेता मनोज जरांगे पाटील के साथ मिलकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि जरांगे द्वारा सार्वजनिक की गई कथित ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक तकनीक से जांच की जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह बातचीत पुरानी है तो करीब ढाई साल बाद इसे अब क्यों सामने लाया गया और इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने भी उनसे मुलाकात कर जांच की मांग की है। भाजपा और स्वयं मनोज जरांगे पाटील की ओर से भी क्लिप की सत्यता जांचने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि ऑडियो असली है, उसमें छेड़छाड़ हुई है या वह तकनीक अथवा AI के जरिए तैयार किया गया है।
जरांगे ने जारी की थी कथित ऑडियो क्लिप
मनोज जरांगे पाटील ने गुरुवार को जालना में एक कथित ऑडियो क्लिप सार्वजनिक की थी। उन्होंने दावा किया कि यह रिकॉर्डिंग 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले की बातचीत से जुड़ी है और इसमें उनके आंदोलन तथा राजनीतिक प्रभाव को सीमित करने की रणनीति पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 500 करोड़ रुपये की रकम को लेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके बेटे सांसद श्रीकांत शिंदे का नाम लिया गया है। हालांकि ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और 500 करोड़ रुपये के भुगतान का आरोप भी अभी साबित नहीं हुआ है। एकनाथ शिंदे इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि उन्होंने न तो किसी को 500 करोड़ रुपये दिए और न ही किसी से लिए। भाजपा से जुड़े जिन लोगों के नाम क्लिप से जोड़े जा रहे हैं, उनमें से कुछ ने भी रिकॉर्डिंग से संबंध होने से इनकार करते हुए इसके AI-जनरेटेड या फर्जी होने की आशंका जताई है।
रामदास कदम ने भाजपा के भीतर उठाए सवाल
मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदास कदम ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ लोगों ने जरांगे के साथ मिलकर एक मराठा नेता को राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश रची। उनका इशारा एकनाथ शिंदे की ओर था। कदम ने सवाल किया कि भाजपा के भीतर कौन लोग शिंदे को कमजोर करना चाहते हैं। कदम ने भाजपा विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर और प्रसाद लाड के नामों का उल्लेख किया तथा जरांगे और लाड की एक साथ तस्वीरें भी दिखाईं। हालांकि इन तस्वीरों या नामों के आधार पर किसी साजिश की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कदम ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर पूरे मामले की विस्तृत फॉरेंसिक जांच की मांग की है।
शिवसेना प्रतिनिधिमंडल भी मांग चुका है जांच
इससे पहले शिवसेना नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात कर क्लिप की फॉरेंसिक और साइबर जांच की मांग की थी। शिवसेना नेताओं ने उन लोगों से भी पूछताछ की मांग की जिनके नाम कथित बातचीत से जोड़े जा रहे हैं। फिलहाल विवाद का केंद्र यह है कि ऑडियो क्लिप वास्तविक है या तकनीकी रूप से तैयार अथवा संपादित की गई है। मुख्यमंत्री की ओर से फॉरेंसिक जांच की घोषणा के बाद अब जांच रिपोर्ट से ही इसकी प्रामाणिकता और इसमें सुनाई दे रही आवाजों की पहचान पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
