
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने जय प्रकाश की उपस्थिति में जिला कारागार का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला और पुरुष बैरकों में पहुंचकर बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।जिलाधिकारी ने बंदियों से भोजन, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से पूछताछ की। साथ ही कारागार के चिकित्सालय, बैरकों की स्थिति और साफ-सफाई का गहन निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं सुचारु और संतोषजनक बनी रहें।महिला बैरक के निरीक्षण के दौरान डीएम ने महिला बंदियों का हालचाल जाना और उनके साथ रह रहे छोटे बच्चों को फल, मिठाई व बिस्कुट वितरित किए। उन्होंने कारागार स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि महिला बंदियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए और उन्हें आयरन, कैल्शियम जैसी आवश्यक दवाएं समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही बच्चों के लिए पोषणयुक्त आहार और टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।जिलाधिकारी ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि महिला बंदियों को सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें। इसी प्रकार पुरुष बंदियों को भी स्किल डेवलपमेंट से जोड़ने और उन्हें उपयोगी कार्यों में लगने पर जोर दिया गया।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जेल परिसर में किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री का प्रवेश न हो, इसके लिए कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही सभी बंदियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि किसी प्रकार की शिकायत न मिले।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कारागार चिकित्सालय में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि बंदियों की सुरक्षा और निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




