
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने अल्पसंख्याक समाज के शैक्षणिक और सामाजिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए मुंबई के चेंबूर स्थित अणुशक्तीनगर में प्रस्तावित अल्पसंख्याक बालिकाओं के इंजीनियरिंग कॉलेज परियोजना को तेज गति देने का फैसला किया है। इस कदम से खासकर लड़कियों को तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री तथा अल्पसंख्याक विकास मंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने सह्याद्री अतिथीगृह में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि अणुशक्तीनगर, चेंबूर में प्रस्तावित इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण कार्य को शीघ्र गति दी जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक सशक्तिकरण के माध्यम से अल्पसंख्याक समाज के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।बैठक में उच्च व तंत्र शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ, विधायक सना मलिक-शेख सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से लड़कियों के लिए उच्च तकनीकी शिक्षा की गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है और सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है।बैठक के दौरान ‘मार्टी’ संस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें संस्था के लिए अलग लेखा खोलने, रिक्त पदों को शीघ्र भरने और अस्थायी कार्यालय शुरू करने के प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लिया गया। साथ ही अल्पसंख्याक युवाओं को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने, कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया।उपमुख्यमंत्री पवार ने जैन अल्पसंख्याक आर्थिक विकास महामंडल के कामकाज की समीक्षा करते हुए बताया कि इसकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए पूर्णकालिक प्रबंध निदेशक (MD) की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने संबंधित प्रस्तावों की त्वरित जांच कर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अल्पसंख्याक समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक पायाभूत सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही विभिन्न मंडलों में लंबित अशासकीय सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया, जिससे योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच सके।




