
मीरा-भाईंदर। मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में जनगणना 2027 को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। भारत सरकार के गृह मंत्रालय और जनगणना कार्य निर्देशालय, महाराष्ट्र के निर्देशानुसार इस राष्ट्रीय अभियान को पूरी तरह डिजिटल तरीके से लागू करने की दिशा में महानगरपालिका प्रशासन ने संगठित रूप से काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में 27 अप्रैल 2026 को काशीगांव स्थित महानगरपालिका स्कूल क्रमांक 04 और 05 में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। जनगणना के पहले चरण ‘हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस’ के लिए कुल 2065 प्रगणक और 345 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इनकी कार्यक्षमता बढ़ाने और प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाने के लिए 34 प्रशिक्षित फील्ड ट्रेनर्स के माध्यम से चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में डिजिटल डेटा संकलन, मोबाइल ऐप का उपयोग, डेटा एंट्री, सत्यापन प्रक्रिया और नागरिकों से सटीक जानकारी प्राप्त करने की तकनीकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही, गोपनीयता, शिष्टाचार और सरकारी दिशानिर्देशों के पालन पर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी महानगरपालिका आयुक्त राधाबिनोद ए. शर्मा, जो प्रधान जनगणना अधिकारी हैं, द्वारा की जा रही है, जबकि उपायुक्त (मुख्यालय) डॉ. सचिन बांगर शहर जनगणना अधिकारी के रूप में समन्वय संभाल रहे हैं। महानगरपालिका के छह प्रभागों में प्रभाग अधिकारियों को चार्ज ऑफिसर नियुक्त किया गया है, जो अपने-अपने क्षेत्र में कार्यों का संचालन करेंगे। जनगणना 2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नागरिकों को ‘स्व-गणना’ (Self Enumeration) की सुविधा भी दी गई है। इसके तहत 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे।महानगरपालिका प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल प्रक्रिया से प्राप्त आंकड़े अधिक सटीक और अद्यतन होंगे, जो भविष्य में सरकारी योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहयोग करें और सही जानकारी प्रदान कर जनगणना को सफल बनाएं।




