
बार-बार बिजली गुल होने की समस्या से निपटने के लिए सरकार का व्यापक प्लान, 130 करोड़ रुपये से होगा वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण
मुंबई। पुणे शहर में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या को दूर करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत भूमिगत डबल बिजली लाइनें बिछाई जाएंगी, नए सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और खतरनाक बिजली वितरण केंद्रों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। शुक्रवार को ऊर्जा राज्य मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर ने विधानसभा में यह जानकारी देते हुए कहा कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएंगी, ताकि नागरिकों को निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति मिल सके। विधानसभा में सदस्य भीमराव तापकीर द्वारा पुणे में लगातार बिजली कटौती का मुद्दा उठाए जाने पर जवाब देते हुए मंत्री साकोरे-बोर्डीकर ने कहा कि शहर में नए बिजली उपकेंद्र स्थापित करने, खुले में मौजूद खतरनाक 22 केवी बिजली लाइनों को भूमिगत करने तथा वितरण केंद्रों (डीपी) को सुरक्षित बनाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि पु.ल.देशपांडे उद्यान से धनकवड़ी, सहकारनगर और पंचवटी क्षेत्र में बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इसे देखते हुए इन इलाकों में भूमिगत डबल बिजली लाइनें बिछाने की योजना बनाई गई है, जिसका कार्य जल्द शुरू कर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। राज्यमंत्री ने बताया कि बालेवाड़ी और वढवण में स्थायी बिजली उपकेंद्रों को मंजूरी मिल चुकी है। बालेवाड़ी में 220 केवी अति उच्चदाब उपकेंद्र के लिए आवश्यक भूमि महापारेषण को उपलब्ध करा दी गई है और संशोधित डीपीआर भी स्वीकृत हो चुका है। वहीं वढवण उपकेंद्र के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि नए आवासीय प्रोजेक्टों में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए 3.50 मेगावाट से अधिक भार वाले प्रोजेक्टों में डेवलपर की ओर से जमीन उपलब्ध कराकर उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। टाउन डीपीआर के तहत दो नए सब-स्टेशन और नौ नए स्विचिंग स्टेशन भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे भविष्य में बिजली की कमी नहीं होगी। मंत्री ने बताया कि पुणे में खतरनाक स्थिति वाले वितरण केंद्रों (डीपी) की तत्काल मरम्मत की जा रही है। इसके लिए 130 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही शहर में बड़े पैमाने पर भूमिगत केबलिंग का कार्य चल रहा है, जिससे बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय और निर्बाध बनेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी खराबी की स्थिति में तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं और कार्य में लापरवाही या देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साकोरे-बोर्डीकर ने बताया कि कात्रज से नवले पुल तथा चांदणी चौक से नवले पुल मार्ग पर स्थित खतरनाक 22 केवी बिजली लाइनों, छोटे ट्रांसफॉर्मरों और वितरण केंद्रों को सुरक्षित बनाने का कार्य भी शुरू किया गया है। स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से दिन के समय बिजली उपयोग करने पर उपभोक्ताओं का बिजली बिल अपेक्षाकृत कम आ सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और सही जानकारी के आधार पर ही अपनी राय बनाएं।



