
अंब्रेला संगठन से शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मिलेगी नई मजबूती: अमित शाह
मुंबई। शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने में ‘अंब्रेला ऑर्गनाइजेशन’ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से देश के प्रत्येक तहसील तक शहरी सहकारी बैंकों का नेटवर्क मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह विश्वास केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मुंबई में आयोजित ‘सहकार नव-क्रांति मेळावा’ में व्यक्त किया। उन्होंने शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास महामंडल (NUCFDC) का मुख्यालय दिल्ली से महाराष्ट्र स्थानांतरित करने की घोषणा की। बीएसई इंटरनेशनल कन्व्हेन्शन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोळ, पणन मंत्री जयकुमार रावल, सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील, राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त विकास महामंडल के अध्यक्ष ज्योतिंद्र मेहता, केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी सहित शहरी सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। अमित शाह ने कहा कि देश की प्रत्येक शहरी सहकारी बैंक, यहां तक कि केवल एक शाखा वाली बैंक को भी अंब्रेला संगठन की सदस्यता लेनी चाहिए। सदस्यता के बाद बैंकों को सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (SOC) से जोड़ा जाएगा। इससे बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा बढ़ेगी और जमाकर्ताओं का विश्वास मजबूत होगा। अंब्रेला संगठन के माध्यम से बैंकों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं, आवश्यक सॉफ्टवेयर तथा ‘म्यूल हंटर’ जैसी साइबर सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बैंक कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
देश में 1,400 शहरी सहकारी बैंक, करीब 6 लाख करोड़ की जमा राशि
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बताया कि देश में करीब 1,400 शहरी सहकारी बैंकों में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये की जमा राशि है। छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, कुटीर उद्योगों, एमएसएमई, स्थानीय व्यवसायियों, महिला बचत समूहों और मध्यमवर्गीय लोगों की छोटी ऋण जरूरतों को पूरा करने में इन बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि बिना किसी गारंटी या जमानत के ऋण देने की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की गई है। इस योजना के तहत 99.78 प्रतिशत ऋण ब्याज सहित वापस किए गए हैं, जो छोटे कर्जदारों की ऋण चुकाने की क्षमता को दर्शाता है।
महाराष्ट्र में 449 सहकारी बैंक
अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में 449 सहकारी बैंक हैं और देश के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में महाराष्ट्र का महत्वपूर्ण योगदान है। महाराष्ट्र के साथ गुजरात, गोवा और कर्नाटक में भी बड़ी संख्या में शहरी सहकारी बैंक कार्यरत हैं। इसलिए अंब्रेला संगठन का मुख्यालय महाराष्ट्र में होना इस क्षेत्र के लिए उपयोगी साबित होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के तहत ‘सहकार से समृद्धि’ का अर्थ केवल बैंक या संस्था की समृद्धि नहीं, बल्कि बैंक के ग्राहक को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना भी है।
साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल धोखाधड़ी के खतरे भी बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए बैंकों की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए फॉरेंसिक तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ‘म्यूल हंटर’ जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान शहरी सहकारी बैंकों के लिए साइबर सुरक्षा से संबंधित सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (SOC) का केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने दूरस्थ माध्यम से उद्घाटन किया। साथ ही राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय और NUCFDC के बीच साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, डिजिटल धोखाधड़ी रोकथाम और बैंकिंग सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण एवं सुविधाओं के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) किया गया। इस अवसर पर आरबीआई के पूर्व उप महाप्रबंधक जी. पी. मिस्त्री द्वारा लिखित ‘ऑपरेशनल रिस्क मैनेजमेंट – अ प्रैक्टिकल गाइड टू अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक्स’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
सहकार सीबीएस प्रणाली से सफलतापूर्वक जुड़ने वाली पहली छह शहरी सहकारी बैंकों के प्रतिनिधियों का सम्मान किया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय सेवा बंडल के अंतर्गत कोर बैंकिंग सर्विस और संबंधित सेवाओं का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का प्रास्ताविक NUCFDC के अध्यक्ष ज्योतिंद्र मेहता ने किया, जबकि NUCFDC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभात चतुर्वेदी ने आभार व्यक्त किया।

