
मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी.राधाकृष्णन ने गुरुवार को मुंबई के राजभवन में वन अधिकार अधिनियम, 2006 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए राज्य के छह संभागीय आयुक्तों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने आदिवासी कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही और संभागीय आयुक्तों को पेसा क्षेत्र वाले जिलों में आदर्श आदिवासी गांव बनाने का निर्देश दिया।
राज्यपाल ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर देते हुए आदिवासी छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढ़ाने, आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सिकल सेल व थैलेसीमिया जैसे आनुवंशिक विकारों के समाधान पर चर्चा की। इस बैठक में आदिवासी अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान के आयुक्त डॉ. राजेंद्र भारुड़ ने वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन की स्थिति पर एक प्रस्तुति दी, जबकि संभागीय आयुक्तों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पेसा ब्लॉकों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आदिवासी विकास विभाग के सचिव डॉ. विजय वाघमारे, राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवारे, संयुक्त सचिव मछिंद्र शेलके और विभिन्न संभागीय आयुक्तों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




