सादाबाद में छुट्टा सांड़ का आतंक: पूर्व प्रधान समेत नौ लोग घायल, दो भैंसों की मौत
मढ़नई और एदलपुर बरी में दो दिनों तक मचाया उत्पात, तीन भैंस और एक घोड़ी घायल, दीवार से टकराकर सांड़ ने भी तोड़ा दम

सादाबाद, उत्तर प्रदेश। हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र के गांव मढ़नई और आसपास के इलाकों में पिछले दो दिनों से आतंक का पर्याय बने छुट्टा सांड़ ने सोमवार सुबह जमकर उत्पात मचाया। सांड़ के हमले में पूर्व प्रधान रामभरोसी समेत नौ लोग घायल हो गए। हमले में दो भैंसों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य भैंस और एक घोड़ी घायल हो गई। ग्रामीणों ने सांड़ को गांव से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया, इसी दौरान वह दीवार से टकराकर बेहोश हो गया। कुछ समय बाद सांड़ की भी मौत हो गई।
पूर्व प्रधान पर मंदिर में किया हमला
सोमवार सुबह गांव मढ़नई में अचानक पहुंचे सांड़ ने लोगों और पशुओं पर हमला करना शुरू कर दिया। हमले में नगला हरनाम निवासी कारे सिंह, मढ़नई के पूर्व प्रधान रामभरोसी, अतर सिंह, विजेंद्र सिंह, बंटी, अनम, पुजारी पूरन पुरी, ऋषि और कंचना घायल हो गए। अचानक हुए हमले से गांव में चीख-पुकार मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व प्रधान रामभरोसी मंदिर में पूजा करने गए थे। इसी दौरान सांड़ ने उन पर हमला कर दिया। वह खुद को बचाने का प्रयास करते रहे, लेकिन सांड़ उन पर हावी हो गया। शोर सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह उन्हें सांड़ से बचाया।
दीवार से टकराकर बेहोश हुआ सांड़, बाद में मौत
ग्रामीणों ने साहस जुटाकर सांड़ को गांव से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान भागते समय वह एक दीवार से टकराकर बेहोश हो गया। उसके दोबारा उठकर हमला करने की आशंका के चलते ग्रामीणों ने उसके पैर रस्सियों से बांध दिए। हालांकि, कुछ समय बाद सांड़ की मौत हो गई। गोसेवक राहुल कश्यप और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर सांड़ के शव का अंतिम संस्कार कराया। बेकाबू सांड़ ने ग्रामीणों के पशुओं पर भी हमला किया। इस दौरान तीन भैंस और एक घोड़ी घायल हो गई। ग्रामीण चोब सिंह, हेमंत, सत्यभान और ज्ञानदेव सहित अन्य लोगों ने अपने पशुओं को बचाने का प्रयास किया।
रविवार रात एदलपुर बरी चौराहे पर भी मचाया था उत्पात
ग्रामीणों के मुताबिक, इसी सांड़ ने रविवार रात एदलपुर बरी चौराहे पर भी उत्पात मचाया था। वहां उसने होमगार्ड कारे सिंह पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। घटना के कारण चौराहे पर काफी देर तक जाम लगा रहा। इसके अलावा एदलपुर निवासी पंकज की एक भैंस की भी सांड़ के हमले में मौत हो गई थी। लगातार दो दिनों तक हुई घटनाओं से आसपास के गांवों में भय का माहौल बना रहा।
घरों में दुबके ग्रामीण, सुरक्षा पर उठे सवाल
सांड़ के आक्रामक व्यवहार से भयभीत ग्रामीणों ने घरों के दरवाजे बंद कर लिए और गांव की गलियों में आवागमन प्रभावित हो गया। ग्रामीणों ने डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस से मदद मांगी। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को भी सांड़ के हमले से बचने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद क्षेत्र में छुट्टा पशुओं से लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आबादी वाले इलाकों में घूम रहे आक्रामक और निराश्रित पशुओं को समय रहते पकड़कर सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
