‘सेवा संकल्प अभियान’ से वंचितों तक पहुंचाएं सरकारी योजनाएं: चंद्रशेखर बावनकुले

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान; विमुक्त-घुमंतू और प्रवासी समुदाय के पात्र लोगों को सरकारी प्रमाणपत्र दिलाने के निर्देश
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से शुरू हो रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से विमुक्त जातियों, घुमंतू जनजातियों, प्रवासी समुदायों और विभिन्न वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दिए हैं। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाना है। महाराष्ट्र सरकार के 11 सितंबर के एक परिपत्र में भी इसी अवधि में राज्य में अभियान चलाने का उल्लेख है। बुधवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में बावनकुळे ने जिला स्तरीय प्रशासन को संबंधित गट विकास अधिकारियों और तहसीलदारों के साथ समन्वय कर ऐसे पात्र लाभार्थियों की पहचान करने तथा उन्हें आवश्यक सरकारी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राजस्व मंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के ऐसे परिवार, जिनकी बिजली खपत 100 यूनिट तक है, उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए सामाजिक न्याय और आदिवासी विकास विभाग पहल करें। उन्होंने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त यदि राशि की आवश्यकता पड़ती है तो उसकी पूर्ति जिला नियोजन समिति अथवा सामाजिक न्याय और आदिवासी विकास विभाग के उपलब्ध निधि स्रोतों से करने की दिशा में कार्रवाई की जाए। पात्र परिवारों को योजना का लाभ पूर्ण अनुदान के आधार पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यक नियोजन करने को कहा गया है। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर भी निर्देश दिए गए। बावनकुळे ने कहा कि जिन राशन कार्डधारकों को खाद्यान्न की आवश्यकता नहीं है, उन्हें विश्वास में लेकर उनकी सहमति और प्रचलित नियमों के अनुसार ऐसी व्यवस्था पर काम किया जाए जिससे खाद्यान्न जरूरतमंद नागरिकों तक पहुंच सके। इस पहल को भी ‘सेवा संकल्प अभियान’ में शामिल करने के निर्देश दिए गए। केंद्रीय स्तर पर भी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित करने की घोषणा की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 सितंबर को मुंबई में इसकी घोषणा करते हुए इसे जनभागीदारी और सेवा गतिविधियों से जोड़ने की बात कही थी।
