
नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल का विधानसभा में बयान, ठेकेदार पर एफआईआर की प्रक्रिया शुरू
मुंबई। मुंबई के साकीनाका क्षेत्र में खुले मैनहोल में गिरने से एक नागरिक की मौत के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने गुरुवार को विधानसभा में बयान देते हुए कहा कि घटना की जांच के लिए अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पश्चिम उपनगर) की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रथम दृष्टया लापरवाही के दोषी पाए गए चार अधिकारियों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है। राज्यमंत्री ने बताया कि 2 जुलाई को साकीनाका में 55 वर्षीय असलम इसाक शेख खुले सीवर मैनहोल में गिर गए थे। बाद में उनका शव घटना स्थल से करीब 100 फीट दूर सीवर लाइन के दूसरे मैनहोल से अग्निशमन दल ने बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले सभी मैनहोल, उनके ढक्कन और सुरक्षा जालियों की जांच एवं मरम्मत के लिए महानगरपालिका प्रशासन को कई बार निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में समीक्षा बैठकें भी आयोजित की गई थीं। संबंधित मैनहोल पर सुरक्षा जाली लगाने के लिए ठेकेदार ने वाहन, सामग्री और श्रमिक भी उपलब्ध कराए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठेकेदार के कर्मचारियों ने जाली लगाने के लिए मैनहोल का ढक्कन खोल दिया था, लेकिन उसी दौरान एक राहगीर खुले मैनहोल में गिर गया। सीसीटीवी फुटेज में यह भी स्पष्ट हुआ कि कार्यस्थल पर आवश्यक बैरिकेटिंग और ट्राइपॉड जैसी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। इससे स्पष्ट है कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन हुआ। राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच के लिए गठित समिति दुर्घटना के कारणों, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। उन्होंने बताया कि मानसून से पहले पूरा किया जाना वाला काम समय पर नहीं करने, सुरक्षा उपायों की अनदेखी करने तथा पर्याप्त निगरानी नहीं रखने के लिए प्रथम दृष्टया जिम्मेदार पाए गए सहायक आयुक्त धनाजी हेरलेकर, दुय्यम अभियंता अभियंता दीपक चौगुले, कनिष्ठ अभियंता अभिजित चौगुले और उत्तम पाटील को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है। राज्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रहने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा बृहन्मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र के सभी मैनहोलों की अगले आठ दिनों के भीतर 100 प्रतिशत जांच कर उनकी सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश सभी अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्तों, सात परिमंडलीय उपायुक्तों तथा 26 वार्डों के सहायक आयुक्तों को दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



