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हाईटेक तरीके से टोयोटा फॉर्च्यूनर चुराने वाले अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, चार दिन में गुजरात से दो आरोपी गिरफ्तार

मुंबई। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर लग्जरी वाहनों की चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का खार पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने पर्दाफाश करते हुए गुजरात के राजकोट से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से टोयोटा फॉर्च्यूनर की स्मार्ट चाबी का सिग्नल क्लोन कर करीब 45 लाख रुपये कीमत की एसयूवी चोरी की थी। पुलिस ने वारदात के महज चार दिनों के भीतर चोरी की गई कार बरामद कर ली। साथ ही वारदात में इस्तेमाल किया गया ब्लूटूथ कार स्कैनर और दो एप्पल मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।खार पुलिस के अनुसार, यह वारदात 24 जून की रात से 25 जून की सुबह के बीच एस.वी. रोड स्थित टोयोटा शोरूम के बाहर हुई। शोरूम में डिलीवरी इंचार्ज के रूप में कार्यरत शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि ग्राहकों की टेस्ट ड्राइव के लिए इस्तेमाल होने वाली टोयोटा फॉर्च्यूनर रात में शोरूम के बाहर पार्क की गई थी। अगले दिन सुबह वाहन निर्धारित स्थान से गायब मिला। काफी तलाश के बाद भी वाहन का पता नहीं चलने पर अज्ञात चोरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संतोष काटे के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक (अपराध) वैभव काटकर तथा सहायक पुलिस निरीक्षक हनुमंत कुंभारे के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण शुरू किया।जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए वाहन की स्मार्ट चाबी का सिग्नल क्लोन किया और बिना किसी तोड़फोड़ के एसयूवी लेकर फरार हो गए। इसके बाद वाहन दहिसर टोल नाके से गुजरात की ओर ले जाया गया। पुलिस को भ्रमित करने के लिए आरोपियों ने कार पर फर्जी नंबर प्लेट भी लगा दी थी, लेकिन वाहन की विशेष पहचान और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस उसकी लोकेशन तक पहुंच गई।तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपियों की मौजूदगी राजकोट में मिलने पर खार पुलिस की टीम तत्काल गुजरात रवाना हुई। स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच की सहायता से जाल बिछाकर दोनों आरोपियों दीप रमणीकभाई आघेर (28) और राहुल भरतभाई घियाल (29) को 30 जून की तड़के गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में ट्रांजिट रिमांड लेकर उन्हें मुंबई लाया गया।पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी की गई फॉर्च्यूनर को गुजरात के नवसारी जिले के चिखली क्षेत्र स्थित बिलीमोरा रोड पर छिपाकर रखा गया है। पुलिस ने बताए गए स्थान से वाहन भी बरामद कर लिया।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दीप आघेर इलेक्ट्रॉनिक कोडिंग और विशेष उपकरणों के जरिए आधुनिक वाहनों की सुरक्षा प्रणाली को हैक करने में माहिर है, जबकि राहुल घियाल वाहनों की सुरक्षा प्रणाली निष्क्रिय करने, नंबर प्लेट बदलने तथा चेसिस से छेड़छाड़ करने में विशेषज्ञ है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 45 लाख रुपये कीमत की टोयोटा फॉर्च्यूनर, 50 हजार रुपये कीमत का ब्लूटूथ कार स्कैनर तथा करीब 80 हजार रुपये कीमत के दो एप्पल मोबाइल फोन बरामद किए हैं। कुल जब्त संपत्ति की कीमत लगभग 46.30 लाख रुपये बताई गई है।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी दीप रमणीकभाई आघेर के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में वाहन चोरी सहित कम से कम पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं दूसरा आरोपी राहुल भरतभाई घियाल गुजरात के सारठाणा पुलिस थाने में दर्ज वाहन चोरी के एक अन्य मामले में भी वांछित था।दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद 5 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने देश के अन्य राज्यों में भी इसी तरह की हाईटेक वाहन चोरियों को अंजाम दिया है या नहीं। प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक संगठित हाईटेक वाहन चोरी रैकेट का हिस्सा है।

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