
मुंबई। महाराष्ट्र को वैश्विक निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारत में आने वाले कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का लगभग 40 प्रतिशत महाराष्ट्र में आता है और अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, खनिज अनुसंधान, एयरोस्पेस तथा रक्षा क्षेत्र में कनाडा के क्यूबेक प्रांत के साथ रणनीतिक साझेदारी कर राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जाएगा। शुक्रवार को विधान भवन में कनाडा के क्यूबेक प्रांत के अंतरराष्ट्रीय मामलों के मंत्री क्रिस्टोफर स्किट के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था है और विदेशी निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि क्यूबेक के साथ साझेदारी से राज्य में अत्याधुनिक तकनीक और उद्योगों के क्षेत्र में बड़े निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2018 में मॉन्ट्रियल यात्रा के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवीकरणीय ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी और आदिवासी कल्याण जैसे क्षेत्रों में हुए समझौते दोनों क्षेत्रों के मजबूत संबंधों का आधार बने हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ मुंबई में निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई थी। फडणवीस ने कहा कि नवी मुंबई में विकसित की जा रही ‘एज्यूसिटी’ में विश्वस्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने क्यूबेक के विश्वविद्यालयों से यहां ‘माइनिंग इंजीनियरिंग’ सहित अन्य विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने का आग्रह किया, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में वधावन बंदरगाह सहित कई बड़े आधारभूत ढांचा परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उद्योग स्थापित करने के लिए राज्य की नीतियां निवेशकों के अनुकूल हैं तथा ‘क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक मिनरल्स’ के क्षेत्र में क्यूबेक के निवेशकों के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि नागपुर में विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर के कारण एयरोस्पेस और रक्षा उद्योग का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसके अलावा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), डेटा सेंटर, बैटरी स्टोरेज और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के विकास में भी महाराष्ट्र अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने क्यूबेक से महाराष्ट्र के साथ दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी स्थापित करने का आह्वान किया। क्यूबेक के अंतरराष्ट्रीय मामलों के मंत्री क्रिस्टोफर स्किट ने कहा कि उनका प्रांत कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर, शिक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में अग्रणी है तथा महाराष्ट्र के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि क्यूबेक की पेंशन फंड संस्था भारत में बड़े पैमाने पर निवेश करने की इच्छुक है और महाराष्ट्र में विभिन्न परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं को लेकर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। बैठक में राज्य के उद्योग विभाग के प्रधान सचिव डॉ.पी.अनबलगन, राजशिष्टाचार विभाग के सचिव राजेश गावंडे, क्यूबेक सरकार के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सहायक उपमंत्री डॉमिनिक मार्कोट्टे, सलाहकार लिया फर्टीन, निदेशक माइकल कॉन्स्टेनिन, स्टीफन फलेक्कर तथा सीडीपीक्यू निवेश संस्था के भारत स्थित प्रबंध निदेशक नटराजन वेंकटरमण सहित दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



