
मुंबई। महाराष्ट्र में समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर देश में सबसे अधिक मात्रा में सोयाबीन खरीदी की गई है। पणन मंत्री जयकुमार रावल ने जानकारी दी कि 6 फरवरी 2025 तक 5,11,657 किसानों से कुल 11,21,385 मीट्रिक टन सोयाबीन खरीदा गया है।
गोदामों में संग्रहण की चुनौती
खरीदे गए सोयाबीन को महाराष्ट्र राज्य वखार महामंडळ के 345 गोदामों और 252 निजी किराये के गोदामों में संग्रहीत किया गया है। हालांकि, बड़ी मात्रा में खरीदी के कारण गोदामों की भंडारण क्षमता पूरी हो चुकी है। केंद्र सरकार ने 2024-25 के लिए सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 4,892 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 292 रुपये अधिक है। खरीदी प्रक्रिया नाफेड और एनसीसीएफ के तहत छह राज्य स्तरीय एजेंसियों द्वारा चलाई गई। महाराष्ट्र में 562 खरीद केंद्रों पर सोयाबीन की खरीदी हुई। जिसमें नाफेड द्वारा 403 खरीद केंद्र और एनसीसीएफ द्वारा 159 खरीद केंद्र शामिल है।
खरीद प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ी
सोयाबीन की खरीदी के लिए 1 अक्टूबर 2024 से ऑनलाइन किसान पंजीकरण शुरू हुआ, जबकि 15 अक्टूबर 2024 से प्रत्यक्ष खरीदी प्रक्रिया चालू की गई। केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, यह प्रक्रिया पहले 12 जनवरी 2025 तक लागू थी, लेकिन किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसे पहले 31 जनवरी और फिर 6 फरवरी 2025 तक बढ़ा दिया गया। महाराष्ट्र की इस ऐतिहासिक खरीदी ने किसानों को बड़ा आर्थिक संबल प्रदान किया है।




