500 करोड़ रुपये के कथित भुगतान के आरोपों की जांच के लिए SIT गठित
सीएम फडणवीस के निर्देश पर मुंबई पुलिस ने बनाई तीन सदस्यीय टीम, मनोज जारांगे-पाटिल और श्रीकांत शिंदे ने आरोपों को नकारा

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर मुंबई पुलिस ने वायरल ऑडियो क्लिप से जुड़े 500 करोड़ रुपये के कथित भुगतान के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। 35 मिनट की इस कथित ऑडियो क्लिप में दावा किया गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने मराठा आरक्षण आंदोलन को संभालने के लिए एकनाथ शिंदे को 500 करोड़ रुपये दिए थे और यह रकम कथित तौर पर शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से मनोज जारांगे-पाटिल तक पहुंचाई गई थी। मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने सोमवार को SIT गठन का आदेश जारी किया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिण क्षेत्र) शैलेश बलकवड़े टीम का नेतृत्व करेंगे। पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर (जोन-3) और बजरंग बनसोडे (साइबर सेल) इसके सदस्य होंगे।
बलकवड़े की नियुक्ति पर उठे सवाल
SIT का नेतृत्व शैलेश बलकवड़े को सौंपे जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जाता है कि जालना में सितंबर 2023 में मराठा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी के तबादले के पश्चात बलकवड़े को वहां तैनात किया गया था। उस समय मराठा समुदाय के प्रदर्शनकारियों को शांत करने में उनकी भूमिका रही थी। इसके बाद भी उनकी जारांगे-पाटिल से बातचीत होती रही थी।
जारांगे और श्रीकांत शिंदे ने आरोपों से किया इनकार
मनोज जारांगे-पाटिल और श्रीकांत शिंदे, दोनों ने कथित भुगतान के आरोपों को खारिज किया है और मामले की जांच की मांग की है। पिछले सप्ताह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारांगे-पाटिल ने आरोप लगाया था कि मराठा आरक्षण आंदोलन को बदनाम करने और उसे खत्म करने के लिए दबाव बनाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और यह पता लगाया जाना चाहिए कि इन आरोपों के पीछे कौन है तथा उनका मकसद क्या है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने विवाद सामने आने के बाद मुंबई पुलिस को जांच के निर्देश दिए थे। अब SIT कथित ऑडियो क्लिप, उसमें किए गए दावों और रिकॉर्डिंग से जुड़े हालात की जांच करेगी, ताकि आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
